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Bikaner में  जांच घटने और रेपिड टेस्ट बढ़ने से कोरोना रोगियों की संख्या कमी, सामने बड़ा सवाल कोरोना की गति कम या आंकड़ों का खेल

Bikaner में  जांच घटने और रेपिड टेस्ट बढ़ने से कोरोना रोगियों की संख्या कमी, सामने बड़ा सवाल कोरोना की गति कम या आंकड़ों का खेल

बीकानेर न्यूज़ डेस्क, बीकानेर में कोरोना रोगियों की संख्या में आ रही कमी के बावजूद कोविड लक्षण वाले बुखार पीड़ितों की संख्या में कोई कमी नहीं है। शहर की डिस्पेंसरी में रेपिड टेस्ट किए जा रहे हैं, जिसमें पॉजिटिव होने के बाद भी रोगी को सूचना नहीं हो रही है। हालांकि हेल्थ डिपार्टमेंट का कहना है कि रेपिड टेस्ट भी न सिर्फ गिनती में आ रहे हैं बल्कि पॉजिटिव को सूचना भी दी जा रही है। उधर, सोमवार सुबह की रिपोर्ट में सिर्फ 72 पॉजिटिव आए हैं। सौ से कम पॉजिटिव की ये संख्या पिछले बीस दिन में पहली बार आई है। हालांकि शाम तक इस संख्या में बढ़ोतरी होना तय है।

बीकानेर के अधिकांश डिस्पेंसरी में इन दिनों RTPCR के बजाय रेपिड टेस्ट पर जोर है। कोरोना के सामान्य लक्षण होने पर रेपिड एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट संबंधित को हाथों हाथ बता दी जाती है। हेल्थ डिपार्टमेंट का कहना है कि महज आधे घंटे में आने वाली ये रिपोर्ट अगर नेगेटिव है तो सूचना नहीं दी जाती लेकिन पॉजिटिव है तो बताया जाता है। वहीं रोगियों का कहना है कि ऐसा नहीं हो रहा है। महाराजा गंगा सिंह युनिवर्सिटी के एसिसटेंट रजिस्ट्रार गिरीराज हर्ष का कहना है कि उनका रेपिड एंटीजन टेस्ट करने के बाद रिपोर्ट नहीं आई। पता करने पर आला अधिकारियों ने कहा कि वो नेगेटिव है, इसलिए रिपोर्ट नहीं आई। ऐसे में उन्हें बाहर घूमने की छूट भी दी गई। देर शाम जब उन्होंने अपने स्तर पर रिपोर्ट का पता किया तो पता चला कि वो पॉजिटिव है। इसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट किया। इतना ही नहीं दवा भी अस्पताल की ओर से नहीं दी गई। उन्होंने अपने स्तर पर ही दवाएं मंगवाई। इसी तरह तरह के कई अन्य केस भी है, जिसमें रेपिड एंटीजन टेस्ट की गिनती नहीं होने का दावा किया जा रहा है। उधर, CMHO डॉ. बी.एल. मीणा का कहना है कि रेपिड एंटीजन टेस्ट की न सिर्फ गिनती हो रही है बल्कि पॉजिटिव आने पर रोगियों को दवा देने व आइसोलेट करने का काम हो रहा है।

उधर, सोमवार सुबह की रिपोर्ट में सिर्फ 72 पॉजिटिव केस आए हैं। पिछले बीस दिन में पहली बार इतनी कम संख्या में रोगी मिले हैं। दरअसल, सोमवार को टेस्ट कम होने के कारण भी रोगियों की संख्या कम आई है। यह ट्रेंड है कि सोमवार को पॉजिटिव कम आते हैं। इसके बाद मंगलवार से फिर ये संख्या बढ़ने लगती है।

राजस्थान न्यूज़ डेस्क !!!

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