Samachar Nama
×

जयपुर के जलमहल की पाल पर मादा सॉफ्टशेल कछुए का दुर्लभ नजारा, प्राकृतिक रूप से अंडे देने पहुंची

जयपुर के जलमहल की पाल पर मादा सॉफ्टशेल कछुए का दुर्लभ नजारा, प्राकृतिक रूप से अंडे देने पहुंची

जलमहल की पाल पर रविवार शाम वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधि का एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला। यहां मादा सॉफ्टशेल कछुआ प्रजनन के लिए पानी के किनारे पहुंची और प्राकृतिक रूप से अंडे देने का प्रयास किया। इसकी जानकारी मिलने पर हेल्प एंड सर्व ट्रस्ट की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कछुए की स्थिति का निरीक्षण किया।

जलाशयों में रहने वाले कछुए प्रजनन के दौरान अंडे देने के लिए पानी से बाहर सुरक्षित स्थान तलाशते हैं। ऐसे में जलमहल की पाल पर मादा कछुए का दिखाई देना वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इस तरह की गतिविधियों के दौरान वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण देना और उनकी प्राकृतिक प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना जरूरी होता है।

प्रजनन के लिए पानी से बाहर पहुंची मादा कछुआ

रविवार शाम जलमहल की पाल पर मादा सॉफ्टशेल कछुआ पानी के किनारे पहुंची। यहां उसने प्राकृतिक रूप से अंडे देने का प्रयास किया। इस दौरान कछुए की गतिविधि ने आसपास मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सूचना मिलने के बाद हेल्प एंड सर्व ट्रस्ट की टीम मौके पर पहुंची।

रेस्क्यू टीम ने कछुए की स्थिति का जायजा लिया। ऐसे मामलों में सबसे जरूरी होता है कि कछुए को परेशान न किया जाए और उसके आसपास ऐसा माहौल बनाए रखा जाए, जिससे वह बिना बाधा अपनी प्राकृतिक प्रक्रिया पूरी कर सके।

कछुओं के प्रजनन के लिए सुरक्षित जगह जरूरी

सॉफ्टशेल कछुए जलीय वातावरण में रहते हैं, लेकिन अंडे देने के लिए मादा कछुए पानी से बाहर किनारे पर आती हैं। इसके लिए उन्हें उपयुक्त मिट्टी या रेत वाली जगह की जरूरत हो सकती है। प्रजनन के दौरान मानवीय गतिविधियों, शोर या भीड़ के कारण उन्हें परेशानी हो सकती है।

वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से ऐसे स्थानों पर लोगों को दूरी बनाए रखनी चाहिए। कछुए को छूना, उठाना या दूसरी जगह ले जाने का प्रयास करने के बजाय विशेषज्ञों को सूचना देना उचित होता है।

जलमहल में वन्यजीवों के संरक्षण का महत्व

जयपुर का जलमहल क्षेत्र जलीय पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां दिखाई देने वाली प्राकृतिक गतिविधियां इस बात की याद दिलाती हैं कि जलाशयों और उनके आसपास के आवासों को सुरक्षित रखना जरूरी है। पानी की गुणवत्ता, किनारों पर शांति और प्राकृतिक आवास का संरक्षण जलीय जीवों के जीवनचक्र के लिए अहम है।

जलमहल की पाल पर मादा सॉफ्टशेल कछुए के अंडे देने के प्रयास का यह दृश्य वन्यजीवों के प्राकृतिक जीवन से जुड़ा दुर्लभ अवसर रहा। हेल्प एंड सर्व ट्रस्ट की टीम सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं है कि कछुआ सफलतापूर्वक अंडे दे पाया या नहीं।

Share this story

Tags