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रणथंभौर टाइगर रिजर्व: बाघों का बसेरा और राजस्थान का मशहूर वन्यजीव स्थल

रणथंभौर टाइगर रिजर्व: बाघों का बसेरा और राजस्थान का मशहूर वन्यजीव स्थल

रणथंभौर टाइगर रिजर्व राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित देश के सबसे प्रसिद्ध बाघ अभयारण्यों में से एक है। यह क्षेत्र अपने रॉयल बंगाल टाइगर, रणथंभौर किले, झीलों, जंगलों और ऐतिहासिक विरासत के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।

रणथंभौर कहां स्थित है?

रणथंभौर टाइगर रिजर्व सवाई माधोपुर जिले में स्थित है। यह दिल्ली और मुंबई के बीच रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। जयपुर से इसकी दूरी लगभग 180 किलोमीटर है।

यह क्षेत्र अरावली और विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं के संगम वाले भू-भाग में स्थित है, जिसके कारण यहां का प्राकृतिक परिदृश्य काफी अनोखा है।

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना

रणथंभौर को वर्ष 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत टाइगर रिजर्व बनाया गया था। बाद में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला। इसका उद्देश्य बाघों और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना था।

आज रणथंभौर भारत के प्रमुख टाइगर रिजर्व में शामिल है और यहां बाघों की गतिविधियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

रणथंभौर की सबसे बड़ी पहचान बाघ

रणथंभौर की सबसे बड़ी पहचान यहां के रॉयल बंगाल टाइगर हैं। जंगल में खुले तौर पर घूमते बाघों को देखने की संभावना के कारण यह भारत के सबसे लोकप्रिय टाइगर सफारी स्थलों में गिना जाता है।

यहां कई बाघ अपने खास नामों और पहचान के कारण भी प्रसिद्ध रहे हैं। रणथंभौर के बाघों की तस्वीरें और वीडियो अक्सर देश-दुनिया में चर्चा का विषय बनते हैं।

रणथंभौर का किला

रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बीच स्थित रणथंभौर किला इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान है। यह प्राचीन किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल राजस्थान के पहाड़ी किलों के समूह का हिस्सा माना जाता है।

किले और जंगल का यह अनोखा मेल रणथंभौर को दूसरे वन्यजीव क्षेत्रों से अलग बनाता है।

यहां कौन-कौन से जानवर मिलते हैं?

बाघों के अलावा रणथंभौर में कई तरह के वन्यजीव पाए जाते हैं, जिनमें:

  • तेंदुआ
  • स्लॉथ भालू
  • लकड़बग्घा
  • जंगली सूअर
  • सांभर
  • चीतल
  • नीलगाय
  • मगरमच्छ
  • विभिन्न प्रजातियों के पक्षी

शामिल हैं।

पर्यटन और सफारी

रणथंभौर में जिप्सी और कैंटर सफारी के माध्यम से जंगल का भ्रमण किया जाता है। पर्यटक जंगल में वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखने का अनुभव लेते हैं।

सर्दियों और गर्मियों के मौसम में यहां सफारी के दौरान वन्यजीवों को देखने के अलग-अलग अनुभव मिलते हैं। गर्मियों में पानी के स्रोतों के आसपास बाघों को देखने की संभावना अक्सर बढ़ जाती है।

रणथंभौर क्यों खास है?

रणथंभौर की खासियत केवल बाघ नहीं हैं। यहां वन्यजीव, जंगल, झीलें, पहाड़ और ऐतिहासिक किला एक साथ दिखाई देते हैं। यही वजह है कि यह राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और राजस्थान में बाघ संरक्षण की सफलता का एक प्रमुख उदाहरण माना जाता है।

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