राजस्थान के प्रमुख वन्य पर्यटन स्थलों में शामिल Ranthambore Tiger Reserve में अब बाघों का दीदार करना पहले से महंगा हो गया है। वन विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से सफारी शुल्क में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों पर सीधा असर पड़ेगा।
वन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह बढ़ोतरी केवल रणथंभौर तक सीमित नहीं है, बल्कि Rajasthan के सभी राष्ट्रीय उद्यानों, बाघ परियोजना क्षेत्रों, वन्यजीव अभ्यारण्यों और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में भी लागू की गई है। इसके तहत पर्यटक प्रवेश शुल्क में समान रूप से वृद्धि की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि शुल्क में यह वृद्धि वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के उन्नयन और पर्यावरण प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग संरक्षित क्षेत्रों के विकास और वन्यजीवों की सुरक्षा में किया जाएगा।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर सफारी स्थलों में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक बाघों के दीदार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शुल्क वृद्धि से पर्यटकों की संख्या पर कुछ असर पड़ सकता है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिष्ठित स्थल की लोकप्रियता पर इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि बढ़ी हुई फीस के बावजूद रणथंभौर की मांग बनी रहेगी, क्योंकि यहां बाघों को देखने की संभावना अन्य स्थानों की तुलना में अधिक रहती है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं और सभी पर्यटकों को अब संशोधित शुल्क के अनुसार ही टिकट बुकिंग करनी होगी।
फिलहाल इस फैसले के बाद पर्यटकों और ट्रैवल ऑपरेटर्स के बीच नई दरों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है, वहीं प्रशासन इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए आवश्यक कदम बता रहा है।

