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शेखावत के बयान पर रामलाल जाट का पलटवार, वीडियो में बोले- बेईमान अधिकारियों का मुंह काला कर गधे पर घुमाएंगे

शेखावत के बयान पर रामलाल जाट का पलटवार, वीडियो में बोले- बेईमान अधिकारियों का मुंह काला कर गधे पर घुमाएंगे

भीलवाड़ा में अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व मंत्री रामलाल जाट के बीच जुबानी विवाद बढ़ गया है। शुक्रवार को शेखावत ने रामलाल जाट के बयान पर आपत्ति जताते हुए पुलिस अधिकारियों के लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शुक्रवार रात रामलाल जाट ने पलटवार करते हुए कहा कि मुकदमों से न रामलाल डरेगा और न कांग्रेस।

शेखावत ने की एफआईआर की मांग

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को भीलवाड़ा सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी नीतियों और अधिकारी-कर्मचारियों के कामकाज की आलोचना करने का अधिकार सभी को है, लेकिन अधिकारियों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।शेखावत ने पुलिस अधीक्षक से अपने अधिकारी के सम्मान की रक्षा करने और पूर्व मंत्री रामलाल जाट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

रामलाल जाट ने किया पलटवार

शेखावत की टिप्पणी के बाद रामलाल जाट ने कहा कि वह ऐसे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि बेईमान अधिकारियों का मुंह काला कर उन्हें गधे पर घुमाया जाना चाहिए। जाट ने यह भी कहा कि मुकदमों से न रामलाल डरेंगे और न कांग्रेस।यह विवाद उस बयान से जुड़ा है जो रामलाल जाट ने बुधवार को भीलवाड़ा में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, जाट ने संविधान और कानून के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों के खिलाफ सत्ता में आने पर कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का भी उल्लेख किया था।

अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी

रामलाल जाट ने अपने भाषण में कहा था कि संविधान की शपथ लेकर यदि कोई अधिकारी बेईमानी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार और प्रशासन में मिलीभगत के कारण वे इस मुद्दे को जनता के बीच उठा रहे हैं।जाट ने चुनाव से जुड़े मुद्दों का भी अपने भाषण में उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि संविधान के खिलाफ काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी दौरान उनकी ओर से अधिकारियों को लेकर की गई टिप्पणी विवाद का कारण बनी।

बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

रामलाल जाट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हैं। वहीं गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्र सरकार में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री हैं। भीलवाड़ा में दोनों नेताओं के बयानों के बाद यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है।फिलहाल शेखावत ने जाट के खिलाफ एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जबकि जाट ने पलटवार करते हुए मुकदमों से नहीं डरने की बात कही है। मामले में आगे पुलिस या प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।

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