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राजस्थान का अद्भुत शिव मंदिर, एक्सक्लूसिव वीडियो में जाने चारों तरफ जंगल और दुर्गम पहाड़, 25 किमी पैदल यात्रा के बाद दर्शन

राजस्थान का अद्भुत शिव मंदिर, एक्सक्लूसिव वीडियो में जाने चारों तरफ जंगल और दुर्गम पहाड़, 25 किमी पैदल यात्रा के बाद दर्शन

राजस्थान में कुछ ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो अपनी कठिन भौगोलिक स्थिति और ऐतिहासिक महत्व के कारण विशेष आकर्षण रखते हैं। ऐसा ही एक स्थल है जबकेश्वर महादेव मंदिर, जो शेरगांव, आबू पर्वत के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित है। इस मंदिर तक न तो कार जाती है और न ही बाइक, यहां पहुंचने के लिए करीब 25 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ती है।

मंदिर तक का रास्ता बेहद दुर्गम है। चारों ओर घने जंगल हैं, फिसलन भरी पहाड़ियां हैं और जंगली जानवरों का खतरा भी मौजूद है। इसलिए आम व्यक्ति के लिए यहां अकेले जाना सुरक्षित नहीं माना जाता। यात्रियों और तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे समूह में ही इस कठिन यात्रा को करें और पर्याप्त तैयारी के साथ निकलें।

जबकेश्वर महादेव मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी कम नहीं है। इतिहास के पन्नों में उल्लेख है कि श्री महाराणा प्रताप जी ने मुगलों के साथ युद्ध के दौरान कुछ वर्ष इन जंगलों में बिताए। मेवाड़ के राजा होते हुए भी उन्होंने यहां घास की रोटी और उबरा खाकर जीवन यापन किया। यही नहीं, उन्होंने आबू पर्वत के घने जंगलों और पहाड़ों की गुफाओं में रहकर आपातकाल की स्थिति का सामना किया। ये गुफाएं आज भी आबू पर्वत में मौजूद हैं और इतिहास के जीवंत प्रमाण के रूप में देखी जा सकती हैं।

यात्रियों के लिए यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि साहसिक और ट्रैवल प्रेमियों के लिए भी आकर्षक है। मंदिर तक पहुंचने का मार्ग चुनौतीपूर्ण है, लेकिन प्रकृति की छटा और शांत वातावरण इसे अद्वितीय बनाते हैं। रास्ते में घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और प्राकृतिक नज़ारे यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि जबकेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचना आसान नहीं है। गुफाओं और दुर्गम रास्तों के कारण यह जगह आज भी अपनी प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थिति को बरकरार रखती है। मंदिर तक का कठिन रास्ता यहां की पवित्रता और आध्यात्मिक महत्व को और बढ़ा देता है।

इतिहास और पौराणिक कथाओं में भी इस क्षेत्र का विशेष महत्व है। महाराणा प्रताप की वीरता और संघर्ष की गाथाएं यहां के जंगलों और गुफाओं में आज भी जीवंत हैं। इतिहास प्रेमियों और तीर्थयात्रियों के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि एक ऐतिहासिक और साहसिक अनुभव भी बन जाती है।

यात्रा की कठिनाई के बावजूद, जबकेश्वर महादेव मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों और ट्रैवलर्स के लिए आत्मिक शांति और प्रकृति के अद्भुत अनुभव का मौका प्रदान करता है। यहां पहुंचने वाले लोग न केवल भगवान शिव के दर्शन करते हैं, बल्कि महाराणा प्रताप की वीरता और जंगलों में उनके संघर्ष की गाथा को भी महसूस कर सकते हैं। इस प्रकार, राजस्थान का यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि इतिहास, साहस और प्राकृतिक सुंदरता का अद्वितीय मिश्रण प्रस्तुत करता है।

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