Samachar Nama
×

राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव, जयपुर में 338 नामांकन खारिज, वीडियो में जाने अब मैदान में 1007 उम्मीदवार 

राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव: जयपुर में 338 नामांकन खारिज, वीडियो में जाने अब 1007 उम्मीदवार मैदान में; 3 सितंबर तक नाम वापसी का मौका

राजस्थान में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर चुनावी प्रक्रिया तेज हो गई है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों के तहत मंगलवार को पूरे प्रदेश में दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच प्रक्रिया के बाद कई उम्मीदवारों के नामांकन खारिज कर दिए गए हैं। अब नाम वापसी के बाद ही चुनाव मैदान में उतरने वाले अंतिम प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होगी।जयपुर नगर निगम चुनाव की बात करें तो यहां 150 वार्डों के लिए कुल 1378 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान इनमें से 338 नामांकन पत्रों को अलग-अलग खामियों और आपत्तियों के चलते खारिज कर दिया गया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 1007 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे हैं।इन उम्मीदवारों के पास नाम वापस लेने के लिए 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक का समय है। इसके बाद चुनाव आयोग की ओर से अंतिम प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने उम्मीदवार वास्तव में चुनावी मुकाबले में रहेंगे।

जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों में 1380 नामांकन खारिज

जयपुर जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि जयपुर जिले की सभी 19 नगरीय निकायों के 690 वार्डों में पार्षद पद के लिए आए नामांकन पत्रों की जांच पूरी कर ली गई है।उन्होंने बताया कि जिलेभर में कुल 4868 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। जांच के दौरान 1380 नामांकन पत्रों में विभिन्न प्रकार की कमियां और आपत्तियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें निरस्त कर दिया गया। अब 3488 नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं।इन वैध नामांकन पत्रों के आधार पर कुल 3366 उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए योग्य पाए गए हैं। हालांकि, नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों की वास्तविक संख्या में बदलाव हो सकता है।

3 सितंबर के बाद जारी होगी अंतिम सूची

निर्वाचन आयोग के अनुसार, उम्मीदवारों के पास 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का अवसर रहेगा। नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद चुनाव आयोग फाइनल प्रत्याशियों की सूची जारी करेगा।इसके बाद 4 सितंबर को सभी अंतिम प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। चुनाव चिह्न मिलने के साथ ही उम्मीदवारों का प्रचार अभियान भी तेज हो जाएगा।

चुनावी मैदान में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल

नामांकन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नगरीय निकाय चुनाव का माहौल और गर्म होने की संभावना है। राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार अभियान तेज करेंगे। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।जयपुर नगर निगम समेत प्रदेश की अन्य नगरीय निकायों में इस बार कई वार्डों में मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन वार्डों में कितने उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।फिलहाल चुनाव आयोग की नजर पूरी प्रक्रिया पर बनी हुई है और प्रशासन निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैयारियों में जुटा है।

Share this story

Tags