राजस्थान: भीषण सर्दी और घने कोहरे का असर, 14 जिलों में स्कूलों में अवकाश, उच्च कक्षाओं का समय बदला
राजस्थान में मौसम ने किसानों और आम नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। राज्य में भीषण सर्दी और घने कोहरे का असर लगातार बढ़ रहा है। शीतलहर और कोहरे के कारण प्रशासन ने 14 जिलों में प्राथमिक कक्षाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 से 5 दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं, उच्च कक्षाओं के समय को भी बदल दिया गया है ताकि बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल आने-जाने का अवसर मिल सके।
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए समय पर उचित कदम उठाएं। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि तापमान और कोहरे के कारण छात्रों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों ने बताया कि जिन जिलों में अवकाश घोषित किया गया है, वहां न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम है और सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो रही है। इन जिलों में जयपुर, कोटा, उदयपुर, भीलवाड़ा, सिरोही, चित्तौड़गढ़ और अजमेर प्रमुख हैं। प्राथमिक कक्षाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 से 5 दिन तक अवकाश रहेगा, जबकि उच्च कक्षाओं में स्कूल समय सुबह के बजाय देर से शुरू होगा और शाम को जल्दी समाप्त किया जाएगा।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले दो-तीन दिनों तक घना कोहरा और सर्दी लगातार बनी रहेगी। सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है। इसी वजह से स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में समय में बदलाव और अवकाश जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
स्थानीय नागरिक और अभिभावक इस कदम को सराह रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन ने समय रहते आवश्यक कदम उठाकर सही निर्णय लिया है। “सर्दी और घने कोहरे के कारण सुबह बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता था। प्रशासन का यह निर्णय हमें राहत देता है,” एक अभिभावक ने बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि शीतलहर और कोहरे के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का अस्थायी रूप से बंद होना और उच्च कक्षाओं का समय बदलना सुरक्षित और प्रभावी कदम है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर भेजें और घर में पर्याप्त गर्म पेय और पोषण सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने स्कूलों के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वाहन चालकों को कोहरे के समय विशेष सावधानी बरतने और सड़क पर धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में भीषण सर्दी और घने कोहरे के बीच यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है। नागरिकों और प्रशासन की सतर्कता से ही इस मौसम में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।

