Samachar Nama
×

राजस्थान में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू, निजी स्कूल और अभिभावक दोनों नाराज़

राजस्थान में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू, निजी स्कूल और अभिभावक दोनों नाराज़

राजस्थान में 20 फरवरी से शुरू होने जा रही आरटीई (राइट टू एजुकेशन) प्रवेश प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। अभिभावकों और निजी स्कूलों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। एक ओर हजारों अभिभावक पिछले सत्र के लंबित दाखिलों को लेकर परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों ने नई प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

अभिभावक बताते हैं कि पिछले वर्ष कई बच्चों के दाखिले लंबित रह गए थे, जिससे उनके भविष्य पर असर पड़ा। वे चाहते हैं कि नए सत्र की आरटीई प्रक्रिया शुरू होने से पहले उनके बच्चों के लंबित दाखिलों का निपटारा किया जाए। अभिभावक संगठन भी इस मुद्दे को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।

दूसरी ओर, निजी स्कूलों ने नई प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। स्कूल संचालकों का कहना है कि नई प्रक्रिया में शुल्क, सीट आवंटन और अन्य नियमों में बदलाव उनके लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके सुझावों को नहीं माना गया, तो वे इस प्रक्रिया के खिलाफ कानूनी और संगठित रूप से आवाज उठाएंगे।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में विवाद होना आम बात है, क्योंकि इसमें सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूल शामिल होते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी पक्षों को बैठकर समाधान निकालना चाहिए ताकि बच्चों का नुकसान न हो और प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो।

राजस्थान शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अव्यवस्था या शिकायत दूर करने के लिए विशेष टीम तैयार की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लंबित दाखिलों को प्राथमिकता दी जाएगी और नई प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों और स्कूलों को सभी आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, आरटीई कानून का उद्देश्य सभी बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। लेकिन नीति और कार्यान्वयन में असमानताएँ या विवाद इस लक्ष्य को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी हितधारकों से सुझाव लेकर प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है।

अभिभावकों और स्कूल संचालकों दोनों ही नए सत्र की शुरुआत से पहले समस्याओं का समाधान चाहते हैं। उनके अनुसार यदि विवाद जारी रहा, तो प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो सकती है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

इससे पहले भी कई बार आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आए हैं, लेकिन राज्य सरकार ने संवाद और समय पर सुधार के माध्यम से इसे नियंत्रित करने की कोशिश की है। इस बार भी अधिकारी इसी दिशा में सक्रिय हैं और उन्होंने स्कूल और अभिभावकों से सहयोग की अपील की है।

राजस्थान में 20 फरवरी से आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की शुरूआत के साथ ही अब सभी की निगाहें प्रशासन की तैयारी और विवाद का समाधान करने की क्षमता पर टिकी हुई हैं। शिक्षा क्षेत्र विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सभी पक्ष सहयोग करें तो बच्चों को नुकसान पहुंचे बिना प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की जा सकती है।

Share this story

Tags