नई उद्योग नीतियों के बावजूद राजस्थान इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में 10वें स्थान पर, मिले 48.1 अंक
राजस्थान में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राइजिंग राजस्थान समेत कई नई नीतियां लागू करने के बावजूद निवेशकों को आकर्षित करने के मामले में राज्य की रैंकिंग उम्मीद के मुताबिक बेहतर नहीं रही है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में राजस्थान को देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 10वां स्थान मिला है। राज्य को इस इंडेक्स में कुल 48.1 अंक प्राप्त हुए हैं।
नीति आयोग की रिपोर्ट में राज्यों को निवेश के लिए अनुकूल माहौल, नीतिगत व्यवस्था, कारोबारी सुगमता, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसे कई मानकों के आधार पर रैंकिंग दी गई है। राजस्थान को इन क्षेत्रों में सुधार के प्रयासों के बावजूद शीर्ष राज्यों में जगह नहीं मिल पाई।
राजस्थान सरकार ने पिछले कुछ समय में प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के जरिए देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की गई। इसके अलावा उद्योगों को आसान मंजूरी, नई औद्योगिक नीति, रोजगार आधारित योजनाएं और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कई फैसले लिए गए हैं।
इसके बावजूद इंडेक्स में राज्य की स्थिति यह संकेत देती है कि निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, परियोजनाओं को जमीन पर उतारने और प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था में उद्योग, पर्यटन, खनन, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बड़ी भूमिका है। राज्य सरकार लगातार दावा करती रही है कि राजस्थान निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है और आने वाले वर्षों में बड़े उद्योगों को आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों की प्राथमिकताओं में बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, जमीन की उपलब्धता, कुशल श्रम और तेजी से मंजूरी मिलने वाली व्यवस्था अहम होती है। इन क्षेत्रों में सुधार करके राज्य अपनी रैंकिंग को और बेहतर कर सकता है।
राजस्थान के लिए यह इंडेक्स एक तरफ चुनौती तो दूसरी ओर सुधार का अवसर भी माना जा रहा है। सरकार अब उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दे सकती है, जहां निवेशकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि देशभर में राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। ऐसे में राजस्थान के लिए शीर्ष राज्यों में पहुंचना आने वाले समय में एक बड़ी प्राथमिकता होगी, ताकि नई औद्योगिक परियोजनाएं, रोजगार के अवसर और आर्थिक विकास को और गति मिल सके।

