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टंकी, मोबाइल टावर या बिजली के पोल पर चढ़कर प्रदर्शन करने वालों पर सख्ती, राजस्थान पुलिस बनाएगी नया एक्शन प्लान

टंकी, मोबाइल टावर या बिजली के पोल पर चढ़कर प्रदर्शन करने वालों पर सख्ती, राजस्थान पुलिस बनाएगी नया एक्शन प्लान

राजस्थान में अपनी मांगों को लेकर पानी की टंकी, मोबाइल टावर या बिजली के पोल पर चढ़कर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ अब पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। ऐसे प्रदर्शनों से निपटने के लिए राजस्थान पुलिस ने नया एक्शन प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सबसे पहले FIR दर्ज की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन के दौरान सरकारी संसाधनों पर होने वाला खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूलने की तैयारी है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस को काफी संसाधन मौके पर लगाने पड़ते हैं। कई बार घंटों तक पुलिसकर्मी, दमकल की गाड़ियां, एंबुलेंस और अन्य सरकारी वाहन मौके पर तैनात रहते हैं। ऐसे में अब इस पूरे खर्च का हिसाब तैयार कर प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति से वसूली की जाएगी।

पुलिसकर्मियों की सैलरी से लेकर पेट्रोल तक का हिसाब

नए प्रस्ताव के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के उस दिन के वेतन का खर्च भी जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा पुलिस वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन, दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस के पेट्रोल-डीजल का खर्च भी शामिल किया जाएगा।

यानी अगर कोई व्यक्ति अपनी मांग मनवाने के लिए पानी की टंकी या मोबाइल टावर पर चढ़ता है और उसे नीचे उतारने के लिए पुलिस, दमकल और मेडिकल टीम को घंटों तैनात रहना पड़ता है, तो इस दौरान सरकारी खजाने से होने वाले खर्च की गणना की जाएगी।

DGP ने ADG क्राइम को दी जिम्मेदारी

राजस्थान के DGP राजीव शर्मा ने इस व्यवस्था का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी ADG क्राइम विपिन कुमार पांडेय को दी है। प्रस्तावित रिपोर्ट में पुलिस की ओर से इस्तेमाल किए गए वाहनों, पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती से होने वाले खर्च का भी हिसाब शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे प्रदर्शनों को रोकना और सरकारी संसाधनों के अनावश्यक इस्तेमाल पर अंकुश लगाना है। पुलिस का मानना है कि कई बार लोग अपनी मांगों को लेकर खतरनाक स्थानों पर चढ़ जाते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा तो रहता ही है, साथ ही प्रशासन को भी बड़े स्तर पर संसाधन लगाने पड़ते हैं।

जिला प्रशासन के जरिए होगी वसूली

प्रस्तावित प्लान के तहत सरकारी खर्च का पूरा ब्योरा तैयार होने के बाद जिला प्रशासन की मदद से संबंधित प्रदर्शनकारी से रकम वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए पुलिस की रिपोर्ट में मौके पर किए गए पूरे खर्च को दर्ज किया जाएगा।

यदि संबंधित व्यक्ति खर्च की राशि जमा नहीं करता है तो मामला अदालत तक ले जाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में कोर्ट की ओर से बार-बार नोटिस जारी किए जाने का प्रावधान हो सकता है।

संपत्ति कुर्क करने तक की कार्रवाई संभव

प्रस्तावित कार्रवाई में सबसे सख्त कदम संपत्ति कुर्की का हो सकता है। यदि प्रदर्शनकारी व्यक्ति सरकारी खर्च की राशि नहीं चुकाता और अदालत की ओर से आदेश जारी होता है, तो उसके नाम पर दर्ज संपत्ति को कुर्क किया जा सकता है।

हालांकि, यह कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और अदालत के आदेश के बाद ही संभव होगी। पुलिस का नया एक्शन प्लान तैयार होने के बाद इसके नियम और प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगे।

राजस्थान पुलिस की यह पहल ऐसे प्रदर्शनों को लेकर प्रशासन की रणनीति में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर है कि ADG क्राइम की ओर से तैयार किए जाने वाले मसौदे में किन-किन खर्चों को शामिल किया जाता है और सरकार इसे किस रूप में लागू करती है।

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