Rajasthan Nikay Chunav 2026: सिरोही में रितु जैन को लेकर बदला चुनावी घटनाक्रम, बाड़मेर में कांग्रेस पार्षदों की बाड़ाबंदी चर्चा में
राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के बाद अब बोर्ड गठन और सभापति पद को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कई शहरों में राजनीतिक दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच सिरोही और बाड़मेर से जुड़े चुनावी घटनाक्रम चर्चा में हैं।
सिरोही में कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन के नामांकन को लेकर सामने आई शुरुआती जानकारी और बाद के चुनावी रिकॉर्ड में अंतर नजर आता है। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक रितु जैन ने सिरोही नगर परिषद के वार्ड 25 से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और उन्हें 278 वोट मिले। उन्होंने 59 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
सिरोही में रितु जैन को लेकर क्या हुआ?
सिरोही नगर परिषद के वार्ड 10 में कांग्रेस प्रत्याशी सुंदर देवी का नामांकन जरूर खारिज हुआ था। रिटर्निंग अधिकारी ने आपत्ति पर सुनवाई के बाद उनका नामांकन निरस्त किया था। इस मामले में बीजेपी प्रत्याशी की ओर से नो-ड्यूज और अतिक्रमण से संबंधित आपत्ति दर्ज कराई गई थी। कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए संबंधित दस्तावेज भी पेश किए थे।
वहीं रितु जैन वार्ड 25 से चुनाव मैदान में थीं। उपलब्ध परिणाम रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने बीजेपी के मनोज कुमार और निर्दलीय प्रत्याशी सुरेश कुमार को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की।
सिरोही में सभापति पद को लेकर हलचल
सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया है। 35 वार्ड वाली नगर परिषद में कांग्रेस के 23 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। चुनाव परिणाम के बाद सभापति पद के लिए रितु जैन और तारा प्रकाश प्रजापति के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी स्तर पर होना बाकी है।
बाड़मेर में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज
बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों के चुनाव परिणाम में बीजेपी ने 29 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 21 और निर्दलीयों को 5 सीटें मिलीं। इसके बाद बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
चुनाव के बाद अलग-अलग दलों द्वारा अपने निर्वाचित पार्षदों को एकजुट रखने के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि बाड़मेर में कांग्रेस पार्षदों के रिजॉर्ट में मौज-मस्ती करने वाले वायरल वीडियो या तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए ऐसे वीडियो के संदर्भ में स्थान, तारीख और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
राजस्थान के निकाय चुनावों में अब मतदान और मतगणना के बाद अगला बड़ा चरण बोर्ड गठन और सभापति-अध्यक्ष चुनाव का है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्षदों की गतिविधियों और राजनीतिक बैठकों पर नजर बनी रहेगी।

