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राजस्थान के मंत्री गौतम दक पर पुलिसकर्मियों को गालियां देने का आरोप, फुटेज में देंखे वायरल ऑडियो से मचा सियासी बवाल

राजस्थान के मंत्री गौतम दक पर पुलिसकर्मियों को गालियां देने का आरोप, फुटेज में देंखे वायरल ऑडियो से मचा सियासी बवाल

राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक एक वायरल ऑडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उन पर पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धमकी देने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही करीब तीन मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।दावा किया जा रहा है कि मंत्री गौतम दक अपने एक कार्यकर्ता से कथित वसूली के आरोप को लेकर नाराज होकर पुलिस थाने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उन्होंने एसएचओ के सामने दो कॉन्स्टेबलों से बेहद आपत्तिजनक भाषा में बात की और उन्हें धमकाया। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर मंत्री शुरुआत से ही गालियों का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मंत्री पुलिसकर्मियों द्वारा उनके कार्यकर्ता के यहां पहुंचने से नाराज थे। बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने कार्यकर्ता से पैसे मांगे थे। इसी मुद्दे को लेकर थाने में तीखी बहस हुई। दावा है कि मंत्री ने बातचीत के दौरान पुलिसकर्मियों को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया।वायरल रिकॉर्डिंग को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि करीब तीन मिनट की बातचीत में मंत्री द्वारा 17 बार गालियों का इस्तेमाल किया गया। बातचीत के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण नजर आया। यह ऑडियो कथित तौर पर वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

हालांकि मंत्री गौतम दक ने इस ऑडियो को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वायरल हो रही आवाज उनकी नहीं लगती है। मंत्री ने ऑडियो की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि तकनीक के दौर में किसी की भी आवाज से छेड़छाड़ की जा सकती है। उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करते हुए जांच की बात कही।ऑडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि अगर मंत्री पर लगे आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और सरकार को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

पुलिस विभाग की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि वायरल ऑडियो की जांच की जा सकती है और इसकी फॉरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें एक मंत्री और पुलिस विभाग दोनों जुड़े हुए हैं। यदि ऑडियो सही पाया जाता है तो यह सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। फिलहाल वायरल ऑडियो को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा जारी है और लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है।

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