हिट एंड रन मुआवजा दावों में राजस्थान पिछड़ा, देश में 24वें स्थान पर
हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों या उनके आश्रितों द्वारा मुआवजा राशि के लिए दावे करने के मामले में राजस्थान का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। वर्ष 2024 में हुई सड़क दुर्घटनाओं और 2024-25 में दर्ज दावों के आंकड़ों के आधार पर राजस्थान देश में 24वें स्थान पर पहुंच गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सड़क हादसों में पीड़ित परिवारों को मिलने वाले मुआवजे के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम रही है, जिससे राज्य की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में कमजोर मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिट एंड रन मामलों में मुआवजा पाने की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता की कमी इसका एक बड़ा कारण हो सकता है। कई बार पीड़ित परिवारों को यह जानकारी नहीं होती कि ऐसे मामलों में सरकार की ओर से आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों के अनुसार, दुर्घटनाओं के बाद समय पर दावा न करने या प्रक्रिया में देरी होने से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता का लाभ नहीं मिल पाता। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी प्रक्रिया की जानकारी का अभाव भी एक बड़ी बाधा बनता है।
राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए मुआवजा दावों की संख्या अपेक्षाकृत कम होना चिंता का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जागरूकता अभियान चलाए जाएं तो अधिक पीड़ित परिवार इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर इस स्थिति को सुधारने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि सड़क हादसों में प्रभावित लोगों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके और वे अपने जीवन को फिर से सामान्य कर सकें।

