राजस्थान थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती-2025 पर हाईकोर्ट की रोक बरकरार, वीडियो में जाने लेवल-1 में नियुक्तियों पर दो हफ्ते तक रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-1 में नियुक्तियों पर लगी अंतरिम रोक को आगे बढ़ा दिया है। मंगलवार को जस्टिस समीर जैन की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान कर्मचारी चयन बोर्ड यानी RSSB की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। अदालत ने बोर्ड को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए फिलहाल नियुक्तियों पर रोक जारी रखने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत के सामने अपनी दलील रखी। उन्होंने कहा कि यदि इस बीच भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्तियां दे दी जाती हैं तो नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों के पक्ष में थर्ड पार्टी राइट यानी तीसरे पक्ष का अधिकार बन जाएगा। बाद में यदि भर्ती प्रक्रिया या मेरिट सूची में बदलाव की जरूरत पड़ती है तो उसे लागू करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए नियुक्तियों पर लगी रोक को जारी रखना जरूरी है।
अदालत ने याचिकाकर्ता की दलील को ध्यान में रखते हुए RSSB को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। साथ ही लेवल-1 में नियुक्तियां देने पर लगी अंतरिम रोक को आगे बढ़ा दिया। अब मामले की अगली सुनवाई बोर्ड के जवाब के बाद होगी।याचिका में भर्ती परीक्षा के प्रश्नों और उनके उत्तरों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराने का मामला उठाया गया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने परीक्षा में पूछे गए 17 सवालों के उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद RSSB ने इनमें से 11 सवालों को डिलीट कर दिया, जबकि बाकी सवालों के उत्तरों को सही मान लिया गया।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उनके द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों का निस्तारण विषय विशेषज्ञ की राय लिए बिना कर दिया गया। उनका कहना है कि परीक्षा के प्रश्नों को हटाने और उनके उत्तरों में बदलाव करने का सीधा असर अभ्यर्थियों की मेरिट और कटऑफ पर पड़ता है। ऐसे में प्रश्नों और उत्तरों पर आपत्तियों का निस्तारण विशेषज्ञों की राय के आधार पर किया जाना चाहिए था।याचिका में यह भी कहा गया है कि अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नों और उनके सही उत्तरों को लेकर इस तरह की आपत्तियां और विवाद सामने आते रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका तर्क है कि भर्ती परीक्षा में गलत या विवादित प्रश्न शामिल होने से हजारों अभ्यर्थियों के परिणाम और भविष्य पर असर पड़ सकता है।
मामले में फिलहाल हाईकोर्ट ने नियुक्तियों पर रोक जारी रखते हुए RSSB को जवाब देने का अवसर दिया है। अब बोर्ड की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और उसमें परीक्षा के प्रश्नों, आपत्तियों तथा उनके निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर दी गई जानकारी महत्वपूर्ण होगी। अगली सुनवाई में अदालत इसी आधार पर आगे की दिशा तय कर सकती है।इस आदेश से लेवल-1 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को फिलहाल और इंतजार करना पड़ेगा। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और RSSB के जवाब पर रहेगी।

