राजस्थान में प्रिंसिपल के तबादले और पोस्टिंग पर रोक, हाईकोर्ट ने पदोन्नति मामले में दिया बड़ा फैसला
राजस्थान हाई कोर्ट ने एजुकेशन डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के पदों पर प्रमोशन से जुड़े मामलों में अहम निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने प्रमोशन के बाद प्रस्तावित ट्रांसफर और पोस्टिंग पर अगले आदेश तक रोक लगाने का फैसला सुनाया है।
यह आदेश सीनियरिटी लिस्ट को चुनौती देने वाली कई रिट पिटीशन की सुनवाई के दौरान आया। कोर्ट ने कहा कि ये मामले 2023 से पेंडिंग हैं और इन्हें टालने के लिए बार-बार रिक्वेस्ट की गई है। इस दौरान डिपार्टमेंट ने प्रमोट हुए अधिकारियों से ऑप्शन लेकर ट्रांसफर शुरू कर दिए थे, जबकि यही लिस्ट अभी कोर्ट में विवाद में है।
ट्रांसफर पर रोक लगाने का कारण
कोर्ट ने साफ किया था कि बैलेंस बनाए रखने और बार-बार होने वाले ट्रांसफर से नाराजगी को रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। पहले के अंतरिम आदेशों (10 फरवरी, 2025 और 8 अगस्त, 2025) में भी कहा गया था कि सभी प्रमोशन आखिरी फैसले के अधीन हैं।
अगली सुनवाई 27 जनवरी को
राज्य सरकार ने कहा कि रिव्यू DPC/DPC प्रोसेस पूरा हो चुका है। कोर्ट ने काउंसलिंग-बेस्ड ट्रांसफर पर रोक लगा दी और राज्य की रिक्वेस्ट पर सभी मामलों की अगली सुनवाई 27 जनवरी, 2026 को तय कर दी।

