राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत एक व्यक्ति एक समय में दो नावों की सवारी नहीं कर सकता। यह आदेश जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पारित किया गया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि एक ही व्यक्ति द्वारा दो नावों में सवार होना न केवल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है, बल्कि इससे नदी और जलाशयों में हादसों का जोखिम बढ़ जाता है। आदेश में स्पष्ट किया गया कि नाव संचालन के दौरान प्रत्येक नाव में केवल अधिकृत संख्या में व्यक्ति ही सवार होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदेश पर्यटन और जलक्रीड़ा गतिविधियों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम है। आदेश के पालन से नाव हादसों की घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
राज्य सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन कराएं और सभी जलक्रीड़ा संचालन स्थलों पर सुरक्षा नियमों की निगरानी सुनिश्चित करें।
स्थानीय नाविक और पर्यटन व्यवसायियों ने इस आदेश का स्वागत किया। उनका कहना है कि इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी और जलक्रीड़ा गतिविधियों का संचालन सुरक्षित रूप से हो सकेगा।
हाईकोर्ट के इस आदेश को राज्य में जल सुरक्षा और नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला एक अहम कदम माना जा रहा है।

