राजस्थान में लंबे समय से लंबित निकाय चुनावों को लेकर अब मामला न्यायालय तक पहुंच गया है। इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी पर गंभीर टिप्पणी की है।
सूत्रों के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही राज्य सरकार से भी इस देरी को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों से जुड़ा है, जहां समय पर चुनाव न कराए जाने को लेकर याचिकाकर्ताओं ने सवाल उठाए थे। याचिका में कहा गया था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत तय समय पर चुनाव कराना आवश्यक है, लेकिन इसमें लगातार देरी हो रही है।
अब अदालत के सख्त रुख के बाद राज्य प्रशासन और चुनाव आयोग दोनों पर दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
कुल मिलाकर, निकाय चुनावों में देरी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा मुद्दा बन गया है।

