राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच होने के संकेत, सरकार ने हाईकोर्ट से मांगी समय सीमा में राहत
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच कराए जा सकते हैं। सरकार की ओर से हाईकोर्ट में चुनाव टालने को लेकर लगाए गए प्रार्थना पत्र से इसकी संभावना जताई जा रही है।राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर 31 जुलाई तक चुनाव कराने की तय समय सीमा को आगे बढ़ाने की मांग की है। सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है।
सरकार ने मांगा समय विस्तार
जानकारी के अनुसार, पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर पहले तय समय सीमा में चुनाव कराना था। लेकिन सरकार ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर इस अवधि को बढ़ाने की मांग की है।सरकार की ओर से दिए गए तर्कों के आधार पर माना जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया सितंबर से नवंबर के बीच पूरी कराई जा सकती है।
चुनावी तैयारियों पर असर
प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम में देरी होने से उम्मीदवारों और पार्टियों की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।चुनाव की तारीखों को लेकर अंतिम फैसला हाईकोर्ट की सुनवाई और राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों के बाद ही स्पष्ट होगा।
राजनीतिक गतिविधियां होंगी तेज
चुनाव टलने की संभावना के बीच प्रदेश में राजनीतिक हलचल बढ़ने की उम्मीद है। पंचायत और निकाय स्तर पर दावेदार सक्रिय हो रहे हैं और स्थानीय समीकरणों को मजबूत करने में जुटे हैं।
हाईकोर्ट के फैसले पर नजर
अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। सरकार की ओर से समय बढ़ाने की मांग स्वीकार होती है या नहीं, यह अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।यदि समय विस्तार मिलता है तो प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच आयोजित होने की संभावना मजबूत हो जाएगी।

