राजस्थान निकाय चुनाव, पहले चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन, वीडियो में जाने शाम 6 बजे थमेगा शोर; नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए चल रहा प्रचार अभियान सोमवार शाम 6 बजे समाप्त हो जाएगा। इसके बाद चुनावी सभाओं, रैलियों और लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। हालांकि, प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। पहले चरण में प्रदेश के 163 नगर निकायों में मतदान होगा। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। जगह-जगह जनसभाएं और जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं।
मदन दिलावर ने दल-बदलुओं पर साधा निशाना
कोटा जिले के रामगंज मंडी में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने रविवार रात चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से दल बदलने वाले नेताओं को वोट नहीं देने की अपील की।दिलावर ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कभी बसपा में चले जाते हैं और कभी कांग्रेस में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेता बार-बार राजनीतिक दल बदलते हैं।
मदन दिलावर ने कहा, “अब वे भाजपा में आने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भाजपा बिकाऊ लोगों को वापस नहीं लेगी। भाजपा श्रेष्ठ और ईमानदार लोगों की पार्टी है।”उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी हमला बोला। दिलावर ने कहा कि चुनाव में कई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं और यदि किसी तरह जीत जाते हैं तो बाद में समर्थन के नाम पर सौदेबाजी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग 10-20 लाख रुपये लेकर अपना समर्थन बदल लेते हैं।
उदयपुर में यूथ कांग्रेस नेता ने दर्ज कराई शिकायत
वहीं, उदयपुर में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस के अंदर भी विवाद सामने आया है। यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता दिव्यानी कटारा ने अपनी ही पार्टी के एक नेता से जान का खतरा होने का आरोप लगाया है।दिव्यानी कटारा का आरोप है कि दिवंगत पूर्व मंत्री खेमराज कटारा के बेटे विवेक कटारा के समर्थकों ने उन्हें धमकियां दी हैं। इस मामले में उन्होंने गोवर्धन विलास थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।दिव्यानी ने पुलिस को दी शिकायत में सुरक्षा की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है।
अंतिम चरण में पहुंचा चुनावी मुकाबला
निकाय चुनाव के पहले चरण का प्रचार अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। आखिरी दिन राजनीतिक दल मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने में जुटे हैं। प्रचार थमने के बाद प्रत्याशी केवल व्यक्तिगत संपर्क के जरिए वोट मांग सकेंगे।नगर निकाय चुनाव को प्रदेश की स्थानीय राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। इन चुनावों में भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य दल अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, बागी और निर्दलीय उम्मीदवार भी कई सीटों पर मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।

