राजस्थान में विकास डेटा जुटाने का बड़ा अभियान शुरू, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भरा ‘स्व-गणना’ फॉर्म
राजस्थान में राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ा नया डेटा जुटाने का व्यापक अभियान 1 मई से शुरू हो गया है। इस महाभियान का उद्देश्य राज्य के हर परिवार और व्यक्ति से जुड़ी बुनियादी जानकारी एकत्र कर योजनाओं को अधिक प्रभावी और लक्षित बनाना बताया जा रहा है।
इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने स्वयं अपना ‘स्व-गणना’ प्रपत्र भरकर की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के लोगों से भी इस प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, यह फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरा जा सकता है। आम नागरिक भी इसमें भाग लेकर अपने परिवार और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं।
इस ‘स्व-गणना’ प्रपत्र में कुल 33 प्रश्न शामिल हैं, जिनमें नागरिकों से उनके परिवार, शिक्षा, रोजगार, आय, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भागीदारी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है। इसके अलावा बिजली, पानी, गैस कनेक्शन, डिजिटल सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित सवाल भी शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस डेटा के आधार पर सरकार भविष्य में योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू कर सकेगी और जरूरतमंद वर्ग तक सीधा लाभ पहुंचाया जा सकेगा। इससे नीतियों को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार ने इसे एक “जनभागीदारी आधारित विकास अभियान” बताया है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन का मानना है कि इस तरह का डेटा संग्रह राज्य के विकास की दिशा तय करने में अहम साबित होगा।
फिलहाल राज्यभर में इस अभियान को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है और लोगों को फॉर्म भरने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

