राजस्थान में अप्रैल की शादियों पर गैस संकट का साया, बजट में 25-30 हजार रुपये तक का इजाफा
राजस्थान में अगले महीने शहनाइयों की गूंज के साथ-साथ महंगाई का शोर भी सुनाई देने वाला है। प्रदेश में अप्रैल के महीने में होने वाली लगभग 30 हजार शादियों पर गैस संकट का असर दिखाई दे रहा है, जिससे आम आदमी की जेब पर भारी बोझ पड़ने की संभावना है।
पश्चिम एशिया में हाल ही में उत्पन्न हुए ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध (Iran-Israel War) के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित (Commercial LPG Cylinder Shortage) हुई है। इसका सीधा असर राजस्थान में कैटरिंग और टेंट व्यवसाय पर दिख रहा है। राज्य के विभिन्न शहरों में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के कारण आयोजकों को वैकल्पिक ईंधनों जैसे कोयला, लकड़ी और सिलेन्डर का महंगा विकल्प अपनाना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि गैस संकट और वैकल्पिक ईंधनों की बढ़ती कीमतों के कारण एक औसत शादी का बजट 25 हजार से 30 हजार रुपये तक बढ़ सकता है। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के परिवारों को अपनी शादी की तैयारियों में वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के टेंट और कैटरिंग व्यवसायी भी इस संकट से चिंतित हैं। उनका कहना है कि एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता अनियमित होने के कारण कार्यक्रमों की योजना और संचालन प्रभावित हो रहा है। कई आयोजक अब भविष्य में होने वाली शादियों के लिए अग्रिम व्यवस्था कर रहे हैं ताकि अचानक गैस संकट से कार्यक्रम प्रभावित न हो।
वहीं, आम नागरिकों का कहना है कि शादी जैसी खुशी के मौके पर बजट बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित विभाग इस संकट से निपटने के लिए आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू करने और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल्द कदम उठाए।
मौसम और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के चलते एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए शादी आयोजक और परिवार दोनों ही वैकल्पिक तैयारी कर रहे हैं। टेंट और कैटरिंग व्यवसायी अब सौर उपकरण और इलेक्ट्रिक किचन गैस जैसे विकल्पों को अपनाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त निवेश की जरूरत होगी।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि यह संकट लंबे समय तक जारी रहा, तो सिर्फ शादियों तक ही नहीं, बल्कि पूरे सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में इसका असर दिखाई देगा। होटल, ढाबा और कैटरिंग उद्योग की गतिविधियों पर भी महंगी गैस और वैकल्पिक ईंधन की निर्भरता के कारण दबाव बढ़ सकता है।
अंततः, राजस्थान में अप्रैल महीने में होने वाली शादियों पर गैस संकट और बढ़ती महंगाई की समस्या ने आम जनता और व्यवसायियों दोनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोग अग्रिम योजना और वैकल्पिक इंतजाम के साथ शादी की तैयारियां शुरू करें ताकि बजट में अनावश्यक वृद्धि से बचा जा सके।

