राजस्थान की भजनलाल सरकार अपने कार्यकाल का एक और महत्वपूर्ण बजट पेश करने जा रही है। इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंगलवार दोपहर आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि 11 फरवरी 2026 को प्रदेश का बजट विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह बजट केवल सांख्यिकीय आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं होगा, बल्कि यह राजस्थान के विकास और भविष्य के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने इसे एक तरह का ‘विजन डॉक्यूमेंट’ बताया, जिसमें आर्थिक नीतियों, सामाजिक कल्याण योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और रोजगार सृजन के मुद्दों पर स्पष्ट रोडमैप होगा।
भवन, सड़क, जल प्रबंधन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और योजनाओं की रूपरेखा भी बजट में शामिल होने की संभावना है। जोगाराम पटेल ने कहा कि इस बजट का मकसद केवल वित्तीय संतुलन बनाए रखना नहीं है, बल्कि राजस्थान को विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बजट में आर्थिक सुधार, निवेश को बढ़ावा और उद्योग-व्यवसाय के लिए प्रोत्साहन पर जोर होगा। साथ ही, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, नवाचार और डिजिटलाइजेशन के माध्यम से प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बजट पेश करने के बाद इसे विधानसभा में विस्तृत चर्चा और पारदर्शिता के साथ रखा जाएगा। सभी विधायकों को इसका विश्लेषण और सुझाव देने का अवसर मिलेगा, ताकि बजट का हर पहलू जनहित और विकासोन्मुख हो।
राजस्थान सरकार ने बजट तैयार करने में जन भागीदारी और विशेषज्ञों की राय को भी महत्व दिया है। मंत्रालय और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आर्थिक सलाहकार और क्षेत्रीय विशेषज्ञों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि बजट में नवीनतम विकास नीतियों और सरकारी योजनाओं का समावेश हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भजनलाल सरकार का यह बजट चुनावी रणनीति के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इस बजट के माध्यम से सरकार राजनीतिक संदेश, विकास की प्राथमिकताएं और जनता के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करेगी।
आर्थिक विशेषज्ञों ने यह भी माना कि इस बजट में राजस्व और व्यय का संतुलन ध्यान में रखते हुए निवेश और विकास योजनाओं को तवज्जो दी जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कृषि सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस प्रकार, राजस्थान का बजट 2026 केवल वित्तीय विवरण नहीं होगा, बल्कि यह प्रदेश की विकास यात्रा का दिशा-निर्देशक दस्तावेज साबित होगा। 11 फरवरी को विधानसभा में इसे पेश किया जाएगा और इसके बाद जन और राजनीतिक चर्चा का दौर शुरू होगा।

