Samachar Nama
×

राजस्थान बना देश का पहला राज्य, जिसने ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के तहत MOU पर हस्ताक्षर किए

राजस्थान ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ जल जीवन मिशन 2.0 के तहत समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसी के साथ राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस नई गाइडलाइन के अनुरूप MOU साइन किया है।  इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, तथा जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कदम राज्य में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।  मिशन 2.0 से क्या मिलेगा?  जल जीवन मिशन 2.0 मूल रूप से ग्रामीण भारत में जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाना चाहता है। इसके तहत लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से साफ और नियमित पानी पहुंच सके। राजस्थान जैसा शुष्क और पानी‑संवेदनशील राज्य, जहां जल संकट हमेशा एक बड़ी चुनौतियों में से है, के लिए यह सोचा‑समझा कदम है।  राजस्थान में फिलहाल ग्रामीण भागों में नल से पानी पहुँचाने की कवरेज लगभग 58% है, जो देश के कई राज्यों की तुलना में कम है। इस समझौते के साथ अब राज्य को वर्ष 2028 तक 100% घरों में पाइप्ड वाटर कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में अतिरिक्त गति मिलने की उम्मीद है। यह MOU 11 प्रमुख सुधार क्षेत्रों (structural reforms) को भी शामिल करता है, जो जल सेवा वितरण, शासन, संस्थागत क्षमता और दीर्घकालिक स्थायित्व बढ़ाने में मदद करेंगे।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत किए गए यह समझौता ग्रामीण इलाकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल स्वच्छ जल की उपलब्धता सुधरेगी, बल्कि इससे खासकर महिलाओं की दैनिक जीवन में आसानी आएगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक जल ढूँढने की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही रहती थी। इससे स्वास्थ्य में सुधार, पानी‑जनित बीमारियों में कमी, और रोज़मर्रा के जीवन को आसान बनाने में मदद मिलेगी।  केंद्र और राज्य का बड़ा प्रयास  राजस्थान सरकार की “डबल इंजन” नीति, यानी केंद्र और राज्य दोनों‑नेता कार्यों को साथ मिलकर आगे बढ़ाने की रणनीति के तहत, यह MOU एक सामंजस्यपूर्ण प्रयास है। राज्य सरकार ने वर्षों से ग्रामीण शहरों में जल आपूर्ति की मांग की थी और अब इसे मंज़ूरी मिलते ही MOU साइन किया गया। इससे राज्य की जल योजना को भी एक नई दिशा मिली है।  विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से जल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण समुदायों तक नियमित रूप से शुद्ध पेयजल पहुँचने में तेज़ी आएगी। इससे राजस्थान के दूरस्थ इलाकों में रहता हुआ लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा।  जल जीवन मिशन का इतिहास  देशभर में वर्ष 2019 में लॉन्च हुए जल जीवन मिशन (Har Ghar Jal) का लक्ष्य था कि हर ग्रामीण घर तक नल से पानी पहुंचाया जाए। इस योजना के पहले चरण में विभिन्न राज्यों ने प्रगति की है, लेकिन कई राज्यों में अभी भी प्राथमिक दूरी तय करनी है। राजस्थान ने अब इसी मिशन के अगले चरण के तहत MOU साइन करके इस दिशा में अहम कदम उठा लिया है।

राजस्थान ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ जल जीवन मिशन 2.0 के तहत समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसी के साथ राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस नई गाइडलाइन के अनुरूप MOU साइन किया है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, तथा जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कदम राज्य में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

मिशन 2.0 से क्या मिलेगा?

जल जीवन मिशन 2.0 मूल रूप से ग्रामीण भारत में जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाना चाहता है। इसके तहत लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से साफ और नियमित पानी पहुंच सके। राजस्थान जैसा शुष्क और पानी‑संवेदनशील राज्य, जहां जल संकट हमेशा एक बड़ी चुनौतियों में से है, के लिए यह सोचा‑समझा कदम है।

राजस्थान में फिलहाल ग्रामीण भागों में नल से पानी पहुँचाने की कवरेज लगभग 58% है, जो देश के कई राज्यों की तुलना में कम है। इस समझौते के साथ अब राज्य को वर्ष 2028 तक 100% घरों में पाइप्ड वाटर कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में अतिरिक्त गति मिलने की उम्मीद है। यह MOU 11 प्रमुख सुधार क्षेत्रों (structural reforms) को भी शामिल करता है, जो जल सेवा वितरण, शासन, संस्थागत क्षमता और दीर्घकालिक स्थायित्व बढ़ाने में मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत किए गए यह समझौता ग्रामीण इलाकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल स्वच्छ जल की उपलब्धता सुधरेगी, बल्कि इससे खासकर महिलाओं की दैनिक जीवन में आसानी आएगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक जल ढूँढने की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही रहती थी। इससे स्वास्थ्य में सुधार, पानी‑जनित बीमारियों में कमी, और रोज़मर्रा के जीवन को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्र और राज्य का बड़ा प्रयास

राजस्थान सरकार की “डबल इंजन” नीति, यानी केंद्र और राज्य दोनों‑नेता कार्यों को साथ मिलकर आगे बढ़ाने की रणनीति के तहत, यह MOU एक सामंजस्यपूर्ण प्रयास है। राज्य सरकार ने वर्षों से ग्रामीण शहरों में जल आपूर्ति की मांग की थी और अब इसे मंज़ूरी मिलते ही MOU साइन किया गया। इससे राज्य की जल योजना को भी एक नई दिशा मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से जल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण समुदायों तक नियमित रूप से शुद्ध पेयजल पहुँचने में तेज़ी आएगी। इससे राजस्थान के दूरस्थ इलाकों में रहता हुआ लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा।

जल जीवन मिशन का इतिहास

देशभर में वर्ष 2019 में लॉन्च हुए जल जीवन मिशन (Har Ghar Jal) का लक्ष्य था कि हर ग्रामीण घर तक नल से पानी पहुंचाया जाए। इस योजना के पहले चरण में विभिन्न राज्यों ने प्रगति की है, लेकिन कई राज्यों में अभी भी प्राथमिक दूरी तय करनी है। राजस्थान ने अब इसी मिशन के अगले चरण के तहत MOU साइन करके इस दिशा में अहम कदम उठा लिया है।

Share this story

Tags