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राजस्थान बना देश का पहला राज्य जिसने ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के लिए एमओयू साइन किया

राजस्थान बना देश का पहला राज्य जिसने ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के लिए एमओयू साइन किया

राजस्थान ने केंद्रीय जल शक्ति विभाग के साथ जल जीवन मिशन 2.0 के तहत देश में पहला समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह कदम राज्य में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। 

राज्य सरकार की पहल के तहत यह एमओयू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में नई दिल्ली में हस्ताक्षरित किया गया। इसके ज़रिए राजस्थान और केंद्र के बीच सहयोग को औपचारिक रूप से मजबूत किया गया है ताकि मिशन के लक्ष्यों को तेजी से पूरा किया जा सके। 

हर घर तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच

यह एमओयू जल जीवन मिशन 2.0 के नए दिशानिर्देशों के तहत साइन किया गया है, जिसके ज़रिए राज्य में ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों तक स्वच्छ तथा सुलभ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राजस्थान सरकार ने इस पहल के लिए केंद्र से पहले ही अनुरोध किया था और उसकी मंज़ूरी मिलने के बाद यह समझौता किया गया। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि ‘हर घर जल’ की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि राज्य सरकार प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यही उद्देश्य मिशन का मूल लक्ष्य भी है। 

क्या बदलता है यह कदम?

पहले ‘जल जीवन मिशन’ का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में नल से जुड़ा जल कनेक्शन देना था। अब जल जीवन मिशन 2.0 की शुरुआत के साथ यह मिशन और विस्तृत, जवाबदेह और प्रभावी रूप में लागू किया जाएगा। इस समझौते के तहत राज्य सरकार की योजनाएं और केंद्र की नीतियाँ बेहतर तालमेल के साथ आगे बढ़ेंगी। 

विशेष रूप से राजस्थान जैसे ऐसे राज्य में, जहाँ पानी की कमी एक गंभीर समस्या है, हर घर तक सुरक्षित जल उपलब्ध कराना लंबे समय से एक चुनौती रही है। यह एमओयू इस चुनौती से निपटने के लिए एक ठोस नीति‑स्तर की शुरुआत मानी जा रही है। 

स्थानीय जीवन पर असर

जल जीवन मिशन से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। वहीं, महिलाओं को पानी ढोने जैसी रोज़मर्रा की कठिनाई से निजात मिलने का भी संकेत मिलता है क्योंकि हर घर तक नल से पानी उपलब्ध होने लगेगा। 

राजस्थान में इस कदम को राज्य‑केंद्र सहयोग की मिसाल और भविष्य में जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में एक सकारात्मक विकास के रूप में देखा जा रहा है। 

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