राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को चर्चा और बहस के बाद ‘दी राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इमूवेबल प्रॉपर्टी एंड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026’ को पारित कर दिया गया। इस बिल के पारित होने के बाद राज्य सरकार अब सांप्रदायिक तनाव या दंगा प्रभावित क्षेत्रों को डिस्टर्ब एरिया घोषित कर सकेगी।
बिल के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र, कॉलोनी या वार्ड को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया जाता है, तो वहां एडीएम या एसडीएम की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की संपत्ति (प्रॉपर्टी) का लेन-देन या रजिस्ट्री नहीं की जा सकेगी। यदि बिना अनुमति प्रॉपर्टी ट्रांसफर की जाती है, तो उसे अमान्य घोषित किया जा सकेगा।
राज्य सरकार का यह कदम सामाजिक शांति और संपत्ति विवादों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। कानून का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि तनावपूर्ण क्षेत्रों में संपत्ति के लेन-देन का दुरुपयोग न हो और वहाँ के निवासी सुरक्षा और स्थायित्व का अनुभव कर सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कानून उन क्षेत्रों में संपत्ति के दुरुपयोग और अनैतिक लेन-देन को रोकने में सहायक होगा, जहाँ सांप्रदायिक या जातीय तनाव अधिक होता है। इसके तहत प्रशासन सख्ती से निगरानी और नियंत्रण कर सकेगा, जिससे स्थानीय निवासियों और किरायेदारों के हितों की रक्षा होगी।
बिल में यह भी प्रावधान है कि डिस्टर्ब एरिया घोषित होने के बाद वहाँ किरायेदारों के सुरक्षित रहने और उन्हें बेदखली से बचाने के उपाय लागू किए जाएंगे। यह कदम विशेष रूप से उन लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो विवादित क्षेत्रों में लंबे समय से रह रहे हैं।
राजस्थान सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस कानून का उद्देश्य केवल संपत्ति के लेन-देन को रोकना नहीं है, बल्कि शांति और सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि डिस्टर्ब एरिया की घोषणा प्रशासनिक और न्यायिक सहमति के साथ की जाएगी और इसका गलत उपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
विधानसभा में इस बिल के समर्थन और विरोध दोनों पक्षों ने अपनी बातें रखी। समर्थकों का कहना था कि यह कानून सांप्रदायिक सौहार्द और संपत्ति विवादों को रोकने में मदद करेगा। वहीं, कुछ विपक्षी नेताओं ने चिंता व्यक्त की कि इस कानून का दुरुपयोग और प्रशासनिक अधिनायकवाद न हो। इसके बावजूद बहुमत से बिल पारित कर दिया गया।
इस बिल के लागू होने के बाद राजस्थान सरकार को यह अधिकार प्राप्त होगा कि वह सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाए और डिस्टर्ब एरिया घोषित कर सके। यह कदम विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहाँ पहले दंगे, तनाव या सांप्रदायिक झगड़े की घटनाएँ अक्सर होती रही हैं।
इस प्रकार, राजस्थान विधानसभा का यह निर्णय राज्य में कानून और व्यवस्था, सामाजिक शांति और नागरिक सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल संपत्ति के लेन-देन पर नियंत्रण रहेगा, बल्कि डिस्टर्ब एरिया के निवासियों के लिए सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा।

