राजस्थान विधानसभा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुदान मांगें पारित की
राजस्थान विधानसभा ने बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (मांग संख्या-27) तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग (मांग संख्या-28) की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में किए गए सुधारों और बजट वृद्धि पर भी जोर दिया गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सदन में बहस का जवाब देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट, आधारभूत संरचना और मानव संसाधन तीनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि के परिणामस्वरूप चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों, गांव-ढाणी तक सुधार देखने को मिला है।
मंत्री खींवसर ने बताया कि राज्य सरकार ने अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। साथ ही, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाई गई, जिससे मरीजों को समय पर और बेहतर सेवाएं मिल सकें।
सदन ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 158 अरब 55 करोड़ 37 लाख 75 हजार रुपये और चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 61 अरब 30 करोड़ 85 लाख 94 हजार रुपये की अनुदान मांगों को मंजूरी दी। इस राशि के माध्यम से अस्पतालों के नवीनीकरण, नई स्वास्थ्य परियोजनाओं की शुरुआत और शिक्षा संस्थानों में आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।
विशेष रूप से मंत्री ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं और टीकाकरण अभियान में वृद्धि का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, राज्य सरकार ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी अतिरिक्त संसाधन आवंटित किए हैं।
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष ने भी स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों में औषधियों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन बिंदुओं पर सरकार सतर्क है और सुधार कार्य लगातार जारी रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा द्वारा अनुदान की मंजूरी से राज्य के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार और निवेश को गति मिलेगी। यह बजट वृद्धि न केवल मौजूदा चिकित्सा और शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि नए स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं के विकास के लिए भी अवसर प्रदान करेगी।
इस प्रकार, राजस्थान विधानसभा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों को पारित कर राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह कदम नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षित मानव संसाधन के निर्माण की दिशा में सहायक साबित होगा।

