Samachar Nama
×

राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत, रविंद्र भाटी ने 1971 के फर्जी पट्टे मामले पर उठाए सवाल

राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत, रविंद्र भाटी ने 1971 के फर्जी पट्टे मामले पर उठाए सवाल

राजस्थान विधानसभा में होली के बाद गुरुवार को बजट सत्र की फिर से शुरूआत हुई। सत्र की शुरुआत के साथ ही विधायकों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और सवाल उठाए। इस दौरान शिव विधायक रविंद्र भाटी ने अजमेर के नगर निगम की तरफ से 1971 में जारी किए गए फर्जी पट्टों की अनियमितताओं पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया।

भाटी ने अपने प्रस्ताव में कहा कि यह मामला लंबे समय से अनसुलझा पड़ा है और इसमें नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। भाटी ने जोर दिया कि ऐसे पुराने फर्जी पट्टों के मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

विधायक भाटी ने कहा कि 1971 में जारी फर्जी पट्टों से नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने कहा कि जनता के हित में ऐसे मामलों की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस मामले को गंभीरता से न लिया गया तो नागरिकों का विश्वास प्रशासन पर कम हो सकता है।

नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विधानसभा में बताया कि मामले की जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित पुराने दस्तावेज और रिकॉर्डों की समीक्षा जारी है, ताकि स्थिति का सही आकलन किया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने सरकारी दस्तावेजों और पट्टों में अनियमितताएं अक्सर प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही के मुद्दों को सामने लाती हैं। इस तरह के मामलों को गंभीरता से न लेना भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा देता है। इसलिए बजट सत्र जैसे मंच पर इस मुद्दे को उठाना और कार्रवाई की जानकारी मांगना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

भाटी के प्रस्ताव और मंत्री की प्रतिक्रिया के बाद विधानसभा में चर्चा का माहौल बन गया। अन्य विधायकों ने भी ऐसे पुराने फर्जी पट्टों और जमीन से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने से सरकार पर दबाव बढ़ा है कि वह नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।

इस प्रकार, राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को बजट सत्र की शुरूआत में अजमेर नगर निगम के 1971 के फर्जी पट्टे का मामला चर्चा का मुख्य विषय बना। विधायक रविंद्र भाटी ने जनता के अधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर देते हुए सरकार से कार्रवाई की जानकारी मांगी। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।

Share this story

Tags