राजस्थान में बारिश और ओलों से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, 12 जिलों में कोहरे का अलर्ट
राजस्थान में बुधवार को हुई बारिश और ओलों ने कई इलाकों में आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया। राजधानी जयपुर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में सड़कों पर जलभराव और बिजली गिरने की घटनाओं से लोगों को डर और परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में पिछले एक हफ्ते में यह दूसरी बार बारिश और ओले गिरने की घटना है, जिसके चलते ठंड में भी इजाफा हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि बारिश और ओलों के साथ तापमान में भिन्नता और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, ओलों और बिजली गिरने से किसानों और आम जनता को भी नुकसान और असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौसम केंद्र ने 29 जनवरी को 12 जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में शामिल हैं: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, जयपुर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर और करौली। विभाग ने सभी नागरिकों और यात्रियों को सड़क और रेल यातायात में सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों ने कहा कि सुबह और रात के समय दृश्यता (Visibility) में कमी के कारण सड़क और रेल मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने वाहन चालकों को धीरे गति से वाहन चलाने, हेडलाइट चालू रखने और दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही, रेल और हवाई यातायात में भी अस्थायी देरी की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि राजस्थान में फरवरी के अंत तक ऐसे मौसम में उतार-चढ़ाव आम हैं। बारिश और ओलों के बाद ठंड का असर बढ़ गया है, और इस समय किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और बिजली गिरने से जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में बारिश और ओलों से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। साथ ही, कोहरे के समय सड़क मार्गों और रेल मार्गों पर सतर्कता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। नागरिकों से भी अपील की गई है कि इस मौसम में बिजली उपकरणों और खुले स्थानों पर सतर्कता बरतें।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह का मौसम न केवल आम लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि कृषि, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर डालता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और प्रशासन को जलभराव नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को पहले से सुनिश्चित करना चाहिए।
कुल मिलाकर, राजस्थान में बुधवार को हुई बारिश और ओलों ने आम जीवन और परिवहन व्यवस्था को प्रभावित किया है। साथ ही, 12 जिलों में जारी कोहरे का येलो अलर्ट नागरिकों के लिए सतर्कता का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सुरक्षित रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना और नुकसान से बचा जा सके।

