कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने स्पष्ट किया है कि पार्टी की सत्ता में वापसी का रास्ता केवल मजबूत संगठनात्मक ढांचे से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 की राजनीतिक लड़ाई किसी एक चेहरे या नेता के दम पर नहीं जीती जाएगी।
राहुल गांधी ने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस का फोकस व्यक्तित्व के बजाय पार्टी संगठन को मजबूत करने और Grassroots स्तर तक पार्टी की पहुँच बढ़ाने पर रहेगा। उनका मानना है कि राजनीतिक सफलता के लिए संगठन, योजना और जनता से सीधा संपर्क सबसे अहम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, राहुल गांधी का यह बयान पार्टी के भीतर सशक्त नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है। उन्होंने यह साफ किया कि कांग्रेस की रणनीति में किसी एक नेता पर निर्भरता नहीं होगी, बल्कि पूरी पार्टी को मिलकर चुनावी तैयारियों में जुटना होगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह संदेश पार्टी को स्थिरता और सामूहिक नेतृत्व की ओर ले जाने की कोशिश है, ताकि आने वाले समय में पार्टी हर राज्य और केंद्र स्तर पर मजबूत स्थिति में प्रवेश कर सके।

