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राजस्थान में ग्रेड फोर्थ भर्ती पर सवाल, वीडियो में जाने 900 कर्मचारियों से हॉस्टल में खाना बनवाने औ

राजस्थान में ग्रेड फोर्थ भर्ती पर सवाल, वीडियो में जाने 900 कर्मचारियों से हॉस्टल में खाना बनवाने औ

राजस्थान में ग्रेड फोर्थ भर्ती के तहत नियुक्त किए गए करीब 900 कर्मचारियों को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि नियुक्ति के बाद इन कर्मचारियों से हॉस्टल में रसोइया और चौकीदार का काम कराया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने ग्रेड फोर्थ कर्मचारी के पद के लिए परीक्षा दी थी, लेकिन नियुक्ति के बाद उन्हें उनके मूल पद से अलग जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।

2025 की भर्ती परीक्षा पास करने वाले कर्मचारी परेशान

कर्मचारियों के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2025 में आयोजित ग्रेड फोर्थ भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया था। परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनकी नियुक्ति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के मूल पद पर होगी और उन्हें इसी पद से संबंधित जिम्मेदारियां दी जाएंगी।लेकिन नियुक्ति के बाद कई कर्मचारियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन आने वाले हॉस्टल में तैनात किया गया। यहां उनसे खाना बनाने, चौकीदारी और अन्य काम कराए जाने की बात सामने आई है।

करीब 900 कर्मचारियों पर असर का दावा

कर्मचारियों का आरोप है कि ग्रेड फोर्थ के करीब 900 नियुक्त कर्मचारियों से हॉस्टल में अलग-अलग तरह के काम करवाए जा रहे हैं। इनमें खाना बनाने और चौकीदारी का काम प्रमुख रूप से शामिल है।कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास खाना बनाने का कोई विशेष अनुभव या प्रशिक्षण नहीं है। इसके बावजूद उन्हें हॉस्टल की रसोई में खाना बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

रसोइया और चौकीदार पद पर स्थायी बताने का आरोप

कर्मचारियों ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से उन्हें रसोइया और चौकीदार पद पर स्थायी बताया गया है, जबकि इन पदों के लिए अलग से भर्ती विज्ञापन जारी नहीं किया गया था।कर्मचारियों का कहना है कि यदि उन्हें ग्रेड फोर्थ कर्मचारी के पद पर नियुक्त किया गया है तो उनसे उसी पद के अनुरूप काम लिया जाना चाहिए। वे नियुक्ति प्रक्रिया और पद के अनुसार जिम्मेदारियां तय करने की मांग कर रहे हैं।

विभाग के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन

अपनी मांगों को लेकर करीब 30 से 35 कर्मचारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और नियुक्ति के बाद दी जा रही जिम्मेदारियों को लेकर आपत्ति जताई।कर्मचारियों की मांग है कि उनकी नियुक्ति जिस पद के लिए हुई है, उनसे उसी के अनुरूप काम लिया जाए। साथ ही रसोइया और चौकीदार के काम को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। मामले में विभाग की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी वर्तमान ड्यूटी को लेकर विभाग की स्थिति क्या है।

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