Baran में PWD का इंजीनियर 5 लाख की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार, बिल पास करने के एवज में की थी डिमांड
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा की टीम ने बारां जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक अधिशासी अभियंता को पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वतखोरी का यह पूरा मामला सर्किट हाउस के कमरा नंबर 107 में चल रहा था। इसके बाद एसीबी टीम ने अधिशासी अभियंता को मौके पर ही पकड़ लिया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली। आरोपी अधिशासी अभियंता ने बिल पास कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
कोटा एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कर बताया कि परिवादी को बारां जिले में करोड़ों रुपए का निर्माण कार्य का ठेका मिला था, जिसके तहत उसने सड़क चौड़ीकरण व पुल निर्माण कार्य कराया था। इस निर्माण से संबंधित बकाया बिलों के भुगतान के एवज में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अजय सिंह ने 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
जानकारी के अनुसार आरोपी अधिशासी अभियंता मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और उसका कोटा में भी मकान है। ऐसे में एक टीम आरोपी के घर भी पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। एसीबी की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। आपको बता दें कि बारां जिले में इतनी बड़ी रिश्वत मांगने का यह पहला मामला है। इससे पहले बारां जिला कलेक्टर भी रिश्वतखोरी के मामले में फंस चुके हैं, जिसमें तत्कालीन आईएएस अधिकारी इंद्र सिंह राव को उनके पीएम महावीर प्रसाद ने वर्ष 2020 में 1 लाख 40 हजार रुपए की रिश्वत मामले में गिरफ्तार कराया था।

