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बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री का बयान: पुष्कर में बनवाना चाहते हैं हिंदू मठ

बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री का बयान: पुष्कर में बनवाना चाहते हैं हिंदू मठ

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने मंगलवार को पुष्कर में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अजमेर में हिंदुओं के चादर चढ़ाने से समस्या है और उनकी इच्छा है कि अजमेर जिले के पुष्कर में एक हिंदू मठ स्थापित किया जाए, जिससे हिंदू धर्म के अनुयायी वहां आ सकें।

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू धर्म के अनुयायियों को एक ऐसा स्थान मिलना चाहिए जहां वे अपनी धार्मिक भावनाओं के साथ आकर पूजा-अर्चना कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश यह सुनिश्चित करने की होगी कि हिंदू धर्म के लोग एकत्र होकर अपने धर्म को मजबूती से स्थापित कर सकें, जैसा कि अन्य धर्मों के अनुयायी अपने धार्मिक स्थानों पर जाते हैं।

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने इस दौरान पुष्कर में एक मठ की स्थापना की योजना की चर्चा की और कहा कि यह मठ हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि पुष्कर, जो अपनी धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है, वहां एक हिंदू मठ स्थापित करने से न केवल क्षेत्रीय हिंदू समाज को लाभ मिलेगा, बल्कि यह देशभर से आ रहे श्रद्धालुओं के लिए भी एक पवित्र स्थल बन सकेगा।

उनके इस बयान ने स्थानीय लोगों और धार्मिक समुदायों में हलचल मचाई है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे विवादास्पद मान रहे हैं। पं. धीरेंद्र शास्त्री के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि वह हिंदू समाज के अधिकारों और उनकी धार्मिक स्थलों की पहचान को लेकर जागरूक हैं।

हनुमंत कथा के दौरान पं. शास्त्री ने धर्म, संस्कृति और समाज के सुधार के लिए भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने धार्मिक कर्तव्यों को निभाएं और समाज में सद्भावना बनाए रखें।

पुष्कर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने पं. धीरेंद्र शास्त्री के प्रवचन का लाभ लिया और उनके संदेश को आत्मसात किया। अब देखने वाली बात होगी कि उनके इस बयान का राजनीतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से क्या प्रभाव पड़ता है, और क्या पुष्कर में हिंदू मठ के निर्माण की योजना को साकार किया जा सकेगा।

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