प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों आज मुंबई में करेंगे महत्वपूर्ण बैठक, वीडियो में देंखे तय होगी 3.25 लाख करोड़ की डिफेंस डील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज मुंबई में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह मुलाकात दोपहर सवा 3 बजे मुंबई के लोक भवन में होगी। इस बैठक को भारत और फ्रांस के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।
बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण 3.25 लाख करोड़ रुपए की डिफेंस डील होगी, जो कीमत के हिसाब से भारत की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य खरीद होगी। इस डील के तहत भारत को 114 राफेल फाइटर जेट मिलेंगे। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारतीय वायु सेना की क्षमता और भविष्य की सुरक्षा रणनीति को मजबूती देगा।
दोनों देशों के नेताओं के बीच सिर्फ डिफेंस डील ही नहीं, बल्कि कई अहम वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। बैठक में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक रणनीति, उभरती तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और अन्य वैश्विक मुद्दों पर गहन बातचीत की जाएगी। यह दर्शाता है कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग केवल सैन्य समझौतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीकी और सामरिक साझेदारी को भी मजबूत किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि राफेल फाइटर जेट्स की यह बड़ी खरीद भारत की वायु शक्ति को आधुनिक बनाने के साथ-साथ देश की डिफेंस इंडस्ट्री और स्थानीय उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। इन जेट्स के आने से भारतीय वायु सेना की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा और देश की हवाई सुरक्षा मजबूत होगी।
साथ ही, दोनों नेता इस बैठक में समान रणनीतिक हितों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और उभरती वैश्विक तकनीकों को ध्यान में रखते हुए यह बैठक दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व की है।
राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को नई दिशा देने वाली है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक और रक्षा क्षेत्र में और अधिक निवेश की संभावना बढ़ जाएगी।
मुंबई में आयोजित होने वाली यह बैठक उच्च सुरक्षा इंतजामों के बीच होगी। दोनों देशों के प्रतिनिधि और सुरक्षा अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि यह बैठक सुरक्षित और सफल तरीके से सम्पन्न हो।
इस ऐतिहासिक मुलाकात और डील के परिणामस्वरूप भारत की रक्षा तैयारियों में नया अध्याय जुड़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सामरिक स्थिति मजबूत होगी। यह बैठक दोनों देशों के बीच विश्वसनीय साझेदारी और रणनीतिक गठजोड़ का प्रतीक भी मानी जा रही है।

