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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंचीं, स्वदेशी फाइटर हेलीकॉप्टर से करेंगी उड़ान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंचीं, स्वदेशी फाइटर हेलीकॉप्टर से करेंगी उड़ान

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी फाइटर हेलीकॉप्टर एलसीएच (LCH) प्रचंड से उड़ान भरेंगी। यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की शक्ति और तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार शाम जैसलमेर पहुंचीं, जहां उनका स्वागत राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। स्वागत समारोह के बाद उनका काफिला वायुसेना स्टेशन की ओर बढ़ा। स्टेशन पर राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और उन्हें स्टेशन की कार्यप्रणाली तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी।

वायुसेना अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह उड़ान विशेष रूप से स्वदेशी तकनीक और भारत की रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। एलसीएच प्रचंड को विशेष रूप से ऊँचाई और दुर्गम इलाके में संचालन के लिए डिजाइन किया गया है, और इसका संचालन भारतीय पायलट पूरी कुशलता से करते हैं।

राष्ट्रपति के आगमन पर वायुसेना के जवानों और अधिकारियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कार्यक्रम के दौरान स्टेशन के कमांडर ने बताया कि यह उड़ान भारतीय रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह दिखाता है कि भारतीय वायुसेना सीमाओं की सुरक्षा में हर समय तैयार है।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश की सेवा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी रक्षा उपकरणों और विमानन तकनीक में भारत लगातार प्रगति कर रहा है, और यह देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है।

वायुसेना स्टेशन में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों ने राष्ट्रपति को विभिन्न आधुनिक हथियार प्रणाली, हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट तकनीक के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रपति की उड़ान के दौरान एलसीएच प्रचंड की विशेष उड़ान तकनीक और मारक क्षमता का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा न केवल जैसलमेर, बल्कि पूरे राजस्थान और भारत के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। उनकी उपस्थिति और स्वदेशी तकनीक से उड़ान भरना भारतीय वायुसेना की शक्ति और तैयारियों का प्रतीक है।

अंततः, राष्ट्रपति का जैसलमेर वायुसेना स्टेशन दौरा और एलसीएच प्रचंड से उनकी उड़ान भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और रक्षा क्षमताओं को विश्व के सामने प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

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