राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू, वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया तेज; जिला कलेक्टरों को जारी हुए निर्देश
राजस्थान में इस वर्ष सितंबर से नवंबर के बीच प्रस्तावित पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के वार्डों के परिसीमन (सीमांकन) की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अधिसूचना जारी होने के साथ ही पंचायत चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों ने गति पकड़ ली है। अब जिला स्तर पर संबंधित अधिकारी वार्डों की सीमाओं का निर्धारण और आवश्यक रिकॉर्ड का परीक्षण करेंगे।
वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया होगी शुरू
पंचायती राज विभाग के निर्देशों के अनुसार, सभी जिला कलेक्टर और एसडीएम अपने अधिकार क्षेत्र में मौजूदा ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के वार्डों का परीक्षण करेंगे। जरूरत के अनुसार वार्डों का पुनर्गठन और परिसीमन किया जाएगा, ताकि चुनाव निष्पक्ष और नियमानुसार कराए जा सकें।
परिसीमन के दौरान जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक सुविधा जैसे मानकों को ध्यान में रखा जाएगा।
सितंबर से नवंबर के बीच हो सकते हैं चुनाव
राज्य में पंचायत चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच कराए जाने की संभावना है। हालांकि, चुनाव कार्यक्रम की अंतिम घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा की जाएगी। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर चुनाव से जुड़ी प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वार्डों की अंतिम सूची जारी की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जिला प्रशासन को दिए गए आवश्यक निर्देश
पंचायती राज विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिसीमन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। साथ ही सभी रिकॉर्ड का सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए।
विभाग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया है।
लाखों मतदाताओं पर पड़ेगा असर
पंचायत चुनाव प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया माने जाते हैं। इन चुनावों के माध्यम से ग्राम पंचायतों के सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य चुने जाते हैं। इसलिए परिसीमन की प्रक्रिया का सीधा असर लाखों ग्रामीण मतदाताओं और संभावित प्रत्याशियों पर पड़ेगा।
चुनावी सरगर्मियां होंगी तेज
अधिसूचना जारी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जबकि विभिन्न राजनीतिक दल भी पंचायत चुनाव को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर हैं, जो परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव की तारीखों और विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा करेगा।

