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राजस्थान में बिजली संकट से राहत की तैयारी, नए आदेश से सप्लाई व्यवस्था होगी मजबूत

राजस्थान में बिजली संकट से राहत की तैयारी, नए आदेश से सप्लाई व्यवस्था होगी मजबूत

राजस्थान में सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। राज्य देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी हब के रूप में उभर रहा है, जहां बड़े स्तर पर सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली उत्पादन हो रहा है। हालांकि, बढ़ते उत्पादन के साथ कई तकनीकी और सप्लाई संबंधी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए अब थर्मल पावर खरीद को लेकर नया आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर और विंड ऊर्जा पूरी तरह मौसम पर निर्भर होती है। दिन में धूप कम होने या हवा की गति घटने पर बिजली उत्पादन प्रभावित हो जाता है। ऐसे समय में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है। खासकर गर्मी के मौसम और पीक ऑवर में बिजली की खपत अचानक बढ़ने से ग्रिड पर दबाव बढ़ जाता है।

इसी स्थिति को देखते हुए राज्य में थर्मल पावर खरीद के विकल्प को मजबूती देने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि नए आदेश के बाद जरूरत पड़ने पर पारंपरिक थर्मल पावर प्लांट्स से अतिरिक्त बिजली खरीदी जा सकेगी। इससे अचानक आने वाले लोड को संभालने और सप्लाई बाधित होने की स्थिति से बचने में मदद मिलेगी।

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रिन्यूएबल एनर्जी भविष्य के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन स्थिर और लगातार बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए बैकअप सिस्टम भी उतना ही महत्वपूर्ण है। थर्मल पावर इसी बैकअप की भूमिका निभाएगा, जिससे बिजली कटौती और वोल्टेज संबंधी समस्याओं में कमी आने की संभावना है।

नए आदेश के बाद डिस्कॉम कंपनियों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बिजली खरीदने में अधिक लचीलापन मिलेगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी स्थिर बिजली आपूर्ति का फायदा मिलेगा।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान जैसे बड़े राज्य में केवल एक ऊर्जा स्रोत पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए सोलर, विंड और थर्मल पावर के संतुलित उपयोग से ही मजबूत बिजली व्यवस्था तैयार की जा सकती है।

फिलहाल सरकार और ऊर्जा विभाग इस दिशा में रणनीतिक कदम उठा रहे हैं ताकि राज्य में बढ़ती बिजली मांग को बिना रुकावट पूरा किया जा सके। माना जा रहा है कि यह नया आदेश आने वाले समय में राजस्थान की बिजली व्यवस्था को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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