शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि इस पहल के तहत पूरे राजस्थान में ‘प्रवेशोत्सव 2026’ का आयोजन बड़े स्तर पर किया जा रहा है।
Rajasthan में शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में नामांकन बढ़ाना, बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (ड्रॉपआउट) बच्चों की संख्या को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का हर बच्चा शिक्षा से जुड़ा रहे।
Education Department Rajasthan ने इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग की ओर से राज्य स्तर से लेकर जिला और स्कूल स्तर तक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, ‘प्रवेशोत्सव 2026’ को एक व्यापक जनअभियान के रूप में चलाया जाएगा, जिसमें स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत घर-घर संपर्क अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और नामांकन शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
अभियान का एक प्रमुख फोकस उन बच्चों पर रहेगा जो किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके हैं। ऐसे बच्चों को फिर से शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू कर सकें और मुख्यधारा में लौट सकें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल नामांकन दर में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार आएगा। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।
स्कूल स्तर पर शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने क्षेत्र में हर बच्चे की पहचान कर उसे शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करें। इसके लिए स्थानीय समुदाय और पंचायत स्तर पर भी सहयोग लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभियानों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलती है और ड्रॉपआउट दर में कमी आती है, जिससे दीर्घकालिक रूप से सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलती है।
फिलहाल ‘प्रवेशोत्सव 2026’ को लेकर राज्यभर में तैयारियां तेज हैं और जल्द ही इसे औपचारिक रूप से जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

