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25 घंटे तक बिजली गुल, 15 गांवों के लोग बेहाल: अंडरग्राउंड फॉल्ट ढूंढने जयपुर से मंगानी पड़ी मशीन

25 घंटे तक बिजली गुल, 15 गांवों के लोग बेहाल: अंडरग्राउंड फॉल्ट ढूंढने जयपुर से मंगानी पड़ी मशीन

राजस्थान में बिजली आपूर्ति बाधित होने से 15 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अंडरग्राउंड बिजली लाइन में आई खराबी के कारण करीब 25 घंटे तक बिजली गुल रही। फॉल्ट का पता लगाने में परेशानी होने पर बिजली विभाग को जयपुर से विशेष मशीन मंगवानी पड़ी। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए।

अंडरग्राउंड लाइन में आया फॉल्ट

जानकारी के अनुसार, बिजली लाइन में तकनीकी खराबी आने के बाद संबंधित क्षेत्र के करीब 15 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। विभागीय कर्मचारियों ने खराबी दूर करने का प्रयास किया, लेकिन अंडरग्राउंड लाइन में फॉल्ट होने के कारण समस्या का सटीक स्थान पता लगाने में कठिनाई आई।

जमीन के नीचे बिछी बिजली लाइन में खराबी होने पर उसे ढूंढना सामान्य लाइन की तुलना में अधिक मुश्किल हो सकता है। फॉल्ट का स्थान पता नहीं चलने से मरम्मत में भी समय लगता है। इसी वजह से बिजली विभाग को विशेष मशीन की जरूरत पड़ी।

जयपुर से मंगवानी पड़ी मशीन

फॉल्ट का पता लगाने के लिए बिजली विभाग ने जयपुर से मशीन मंगवाई। इस मशीन की मदद से अंडरग्राउंड केबल में खराबी का स्थान पहचानने और मरम्मत की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, मशीन कब मौके पर पहुंची और बिजली आपूर्ति किस समय पूरी तरह बहाल हुई, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। करीब 25 घंटे तक बिजली बंद रहने के कारण ग्रामीणों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा।

15 गांवों के लोगों को हुई परेशानी

लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कामकाज के साथ पानी की आपूर्ति और बिजली पर निर्भर अन्य गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा होगा।

ग्रामीणों के लिए बिजली केवल रोशनी का साधन नहीं, बल्कि पानी की मोटर, घरेलू उपकरणों और कई जरूरी कामों के संचालन का आधार भी है। ऐसे में 25 घंटे की कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

फॉल्ट की मरम्मत और आपूर्ति बहाली अहम

इस घटना ने अंडरग्राउंड बिजली लाइनों की निगरानी और आपातकालीन मरम्मत व्यवस्था की जरूरत को भी सामने रखा है। तकनीकी खराबी आने पर जल्द फॉल्ट पहचानने और मरम्मत करने के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल संबंधित क्षेत्र के 15 गांवों के नाम, फॉल्ट आने का कारण और बिजली आपूर्ति बहाल होने का सटीक समय स्पष्ट नहीं है। इन विवरणों की पुष्टि होने पर घटना की पूरी स्थिति सामने आ सकेगी।

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