Samachar Nama
×

राजस्थान में SIR प्रक्रिया पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने सरकार पर लगाया धांधली का आरोप

राजस्थान में SIR प्रक्रिया पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने सरकार पर लगाया धांधली का आरोप

राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से लगातार इस मामले में सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं सरकार की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर भी बहस जारी है।

SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नाम काटने की आपत्ति की तारीख को अब 19 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। इसके पीछे प्रशासन का उद्देश्य था कि सभी नागरिकों को अपनी आपत्तियों और संशोधनों के लिए पर्याप्त समय मिले। हालांकि, विपक्ष इस कदम को निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी के रूप में देख रहा है।

इस बीच, आदर्श नगर विधायक और कांग्रेस के विधानसभा मुख्य सचेतक रफीक खान ने आज (17 जनवरी) इस प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला। रफीक खान ने कहा कि भाजपा की दिल्ली वाली केंद्र सरकार के निर्देश और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से SIR प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम कटवाए जा रहे हैं, जिससे विपक्ष और आम जनता की आवाज दबाई जा रही है।

रफीक खान ने जोर देते हुए कहा, "यह प्रक्रिया केवल संख्या बढ़ाने या घटाने का खेल नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की नींव पर सवाल उठाने वाली हरकत है। मतदाता सूची में गड़बड़ी किसी भी सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी के खिलाफ है।" उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि SIR प्रक्रिया जैसे अभियान आम तौर पर मतदाता सूची को अद्यतन करने और चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए किए जाते हैं। लेकिन जब इस पर राजनीतिक हस्तक्षेप या आरोप-प्रत्यारोप की खबरें आती हैं, तो लोकतांत्रिक विश्वास और मतदाता का भरोसा प्रभावित होता है।

स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी SIR प्रक्रिया को लेकर बड़े पैमाने पर बहस और आलोचना देखी जा रही है। कई लोगों ने आपत्ति जताई कि नाम कटने या जोड़ने के मामले में स्थानीय अधिकारियों का रवैया पक्षपाती हो सकता है, जबकि कुछ लोगों ने इसे केवल संसोधन प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस नेता रफीक खान ने यह भी कहा कि सरकार को जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर कदम उठाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची में अनियमितता या धांधली पाई गई, तो विपक्ष सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिए तैयार है।

इस प्रकार, राजस्थान में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। मतदाता सूची के अद्यतन और नाम कटने-जोड़ने के मामले में पारदर्शिता की मांग के साथ, लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आगामी दिनों में इस मुद्दे पर संसदीय बहस, प्रेस रिपोर्ट और सामाजिक प्रतिक्रियाएं SIR प्रक्रिया की दिशा और निष्पक्षता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

Share this story

Tags