जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर गरमाई सियासत, मदन राठौड़ का डोटासरा पर पलटवार- 'मैं उनकी तरह बदजुबान नहीं हो सकता'
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बीच जुबानी जंग अब खुलकर सामने आ गई है। डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि "मैं डोटासरा की तरह बदजुबान नहीं हो सकता।"
मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा मुद्दों की राजनीति में विश्वास रखती है और राजनीतिक विरोध का मतलब व्यक्तिगत भाषा का इस्तेमाल करना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लगातार मर्यादा से बाहर जाकर बयान दे रहे हैं, जबकि भाजपा संयम और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखती है।
डोटासरा के बयान पर भाजपा का जवाब
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष सरकार पर सवाल उठाने का अधिकार रखता है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संवाद में व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।
राठौड़ ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है और संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्र आंदोलन को लेकर बढ़ी बयानबाजी
जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस सरकार पर युवाओं और छात्रों की आवाज नहीं सुनने का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे पर केवल राजनीति कर रहा है।
इसी बीच दोनों दलों के प्रदेशाध्यक्षों के बीच तीखे बयान राजनीतिक माहौल को और गर्मा रहे हैं।
राजस्थान की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं, युवाओं के मुद्दों और छात्र आंदोलनों को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गरम है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के नेताओं के बीच हो रही तीखी बयानबाजी ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन और इससे जुड़े मुद्दे प्रदेश की राजनीति का अहम विषय बने रह सकते हैं। फिलहाल, कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस मुद्दे पर एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

