निम्बाहेड़ा-छोटीसादड़ी में सियासी संग्राम तेज, उदयलाल आंजना और श्रीचंद कृपलानी आमने-सामने
। प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है, लेकिन मेवाड़ की धरती के निम्बाहेड़ा-छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र में सियासी मुकाबला अब बेहद व्यक्तिगत और तीखा हो गया है। भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर प्रदेश के दो दिग्गज नेता—पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और वर्तमान विधायक व पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी—एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।
दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। हालिया बयानों में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे क्षेत्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। भ्रष्टाचार, विकास कार्यों और निधियों के उपयोग को लेकर दोनों पक्ष खुलकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
भ्रष्टाचार बना मुख्य मुद्दा
पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना ने आरोप लगाया है कि वर्तमान कार्यकाल में विकास कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं और पारदर्शिता की कमी रही है। उन्होंने विभिन्न योजनाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की है।
वहीं विधायक श्रीचंद कृपलानी ने पलटवार करते हुए पूर्व सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र में रिकॉर्ड विकास कार्य हुए हैं और लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं।
कार्यकर्ताओं में बढ़ी सरगर्मी
दोनों नेताओं के बयानों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। समर्थक सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर बैठकों और जनसभाओं का दौर भी तेज हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। निम्बाहेड़ा-छोटीसादड़ी सीट मेवाड़ क्षेत्र की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट मानी जाती है, जहां राजनीतिक पकड़ बनाए रखना दोनों दलों के लिए अहम है।
जनता की नजर विकास पर
हालांकि आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में आम जनता की नजर क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर टिकी हुई है। मतदाता चाहते हैं कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय शिक्षा, सड़क, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों पर ठोस काम हो।
मेवाड़ की राजनीति में यह सियासी संघर्ष आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है। फिलहाल निम्बाहेड़ा-छोटीसादड़ी का यह मुकाबला प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

