प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल, 28 फरवरी 2026 को अजमेर का दौरा करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री कायड़ विश्राम स्थली में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के कारण अजमेर जिला पुलिस ने शहर में 12 घंटे के ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाई है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण सुचारू रूप से हो सके।
अजमेर पुलिस ने कहा कि ट्रैफिक डायवर्जन सुबह से लागू रहेगा और इसके तहत मुख्य मार्गों और आसपास के इलाकों में वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रबंध किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अजमेर आने या गुजरने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें और मार्गों की जानकारी प्राप्त करें।
जनसभा और पीएम की यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस बल ने विभिन्न चेकपोस्ट, बैरिकेड और सीमित मार्गों का निर्धारण किया है। इसके अलावा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष प्रबंध भी किए गए हैं।
अजमेर पुलिस ने कहा कि डायवर्जन योजना के तहत शहर के मुख्य बाजार, धार्मिक स्थल और व्यस्त इलाकों से यातायात को हटाकर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर निर्देशित किया जाएगा। इससे लोगों की सुरक्षा और यातायात की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए सलाह दी गई है कि वे अपने सफर की योजना पूर्वनियोजन के साथ बनाएं। यदि संभव हो तो इस समय के दौरान निजी वाहन और भारी वाहन शहर में न लाएं। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से यात्रा करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन आम होता है। इसका उद्देश्य सुरक्षा, जनसभा की सफलता और शहर में भीड़ प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। ऐसे कार्यक्रमों में सुरक्षा बलों का उच्च स्तर पर तैनात होना और मार्गों का नियोजन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अंततः, पीएम नरेंद्र मोदी का 28 फरवरी को अजमेर दौरा और जनसभा, शहरवासियों और यात्रियों दोनों के लिए सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष सावधानी का संकेत है। अजमेर आने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी लेना और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए जरूरी है।

