देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव के चलते ईंधन के दामों में यह वृद्धि की गई है।
मंगलवार, 19 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई। इससे पहले भी हाल ही में तेल कंपनियों ने लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। ऐसे में पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 4 रुपये तक का इजाफा हो चुका है।
अगर राजस्थान की बात करें तो यहां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में असर साफ दिखाई दे रहा है। बीकानेर में पेट्रोल की कीमत लगभग 110.40 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि जयपुर में पेट्रोल 109 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। वहीं डीजल के दाम भी 94 रुपये प्रति लीटर के आसपास दर्ज किए गए हैं।
राजस्थान में पहले से ही देश के कई राज्यों की तुलना में पेट्रोल-डीजल महंगा माना जाता है। इसकी बड़ी वजह राज्य में लगने वाला वैट और अन्य टैक्स हैं। अब लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बदलाव संभव है। तेल कंपनियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया।
ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ता है। ऐसे में लोगों को महंगाई की नई मार झेलनी पड़ सकती है।
फिलहाल वाहन मालिकों और आम जनता की नजरें तेल कंपनियों और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलती, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है।

