अब अवकाश के दिन काम नहीं करेंगे पटवारी, बढ़ते मानसिक तनाव को लेकर सरकार को भेजा ज्ञापन
राजस्थान में पटवारियों ने बढ़ते कार्यभार और मानसिक तनाव को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेशभर के पटवारियों ने अब अवकाश के दिनों में सरकारी कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पटवार संघ ने राज्य सरकार को ज्ञापन भेजकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग उठाई है।
पटवारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते काम, ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट, प्रशासनिक जिम्मेदारियां और छुट्टियों में भी ड्यूटी लगाए जाने के कारण उन पर मानसिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पारिवारिक और सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार अवकाश के दिन भी अधिकारियों के निर्देश पर फील्ड कार्य, रिकॉर्ड सत्यापन, सर्वे और अन्य सरकारी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
पटवार संघ के अनुसार, राजस्व विभाग से जुड़े अधिकांश कार्यों का सीधा भार पटवारियों पर होता है। भूमि रिकॉर्ड अपडेट करने से लेकर नामांतरण, गिरदावरी, फसल सर्वे, आपदा रिपोर्ट और सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्य लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसके अलावा डिजिटलीकरण के बाद ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। इससे काम का दबाव पहले की तुलना में काफी अधिक हो गया है।
संघ ने ज्ञापन में मांग की है कि पटवारियों से अवकाश के दिनों में अनावश्यक कार्य नहीं लिया जाए और नियमित कार्य समय का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अतिरिक्त कार्यों के लिए अलग से व्यवस्था और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। पटवारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है।
पटवारियों के इस फैसले का असर राजस्व संबंधी कार्यों पर पड़ सकता है। छुट्टियों के दौरान होने वाले कई प्रशासनिक कार्य और विशेष अभियान प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि संघ का कहना है कि जरूरी और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन का सहयोग किया जाएगा, लेकिन नियमित रूप से छुट्टियों में कार्य करना अब संभव नहीं है।
इधर प्रशासनिक स्तर पर भी इस मुद्दे को गंभीरता से देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सरकार जल्द ही पटवारियों की मांगों पर विचार कर सकती है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को संतुलित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के बीच बढ़ते कार्यदबाव और मानसिक तनाव का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ऐसे में पटवारियों का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था और कार्य संस्कृति पर भी नए सवाल खड़े कर रहा है।

