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JEN भर्ती परीक्षा-2020 में दो बार पेपर लीक का खुलासा, वीडियो में देखें एसओजी ने मास्टरमाइंड सहित दो आरोपी किए गिरफ्तार

JEN भर्ती परीक्षा-2020 में दो बार पेपर लीक का खुलासा, वीडियो में देखें एसओजी ने मास्टरमाइंड सहित दो आरोपी किए गिरफ्तार

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि जूनियर इंजीनियर (JEN) भर्ती परीक्षा-2020 का पेपर एक नहीं, बल्कि दो बार लीक हुआ था। दिसंबर 2020 में हुई परीक्षा को पेपर लीक होने के कारण पहले ही रद्द कर दिया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह सामने आई है कि दोबारा आयोजित परीक्षा में भी नकल गिरोह सक्रिय रहा और पेपर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।

एसओजी ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड जगदीश विश्नोई निवासी सांचौर शामिल है, जिसने लीक हुआ पेपर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं दूसरा आरोपी गणपतलाल है, जिसने लीक पेपर के आधार पर परीक्षा दी और 12वीं रैंक हासिल की थी। एसओजी फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और नकल गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

गौरतलब है कि 1098 पदों के लिए आयोजित की गई जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा में करीब 50 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। इस परीक्षा को युवाओं के लिए एक बड़ी अवसर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ADG (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि जूनियर इंजीनियर संयुक्त भर्ती परीक्षा दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी। उस समय पेपर लीक होने की पुष्टि होने पर परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। इस मामले में जयपुर के सांगानेर थाने में FIR दर्ज की गई थी और जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान एसओजी को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपियों से पूछताछ की गई।

पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि वर्ष 2021 में जब दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, तब भी एक संगठित नकल गिरोह सक्रिय था। इस गिरोह ने दोबारा पेपर लीक कर उसे चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। इसका फायदा उठाकर गणपतलाल ने परीक्षा दी और 12वीं रैंक हासिल कर ली। जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और इसमें कई अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका है।

एसओजी ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए 19 जनवरी 2026 को नया केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच का दायरा बढ़ाकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर कहां से लीक हुआ, किन-किन अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिला और इसमें कितने लोग शामिल थे।

इस खुलासे के बाद राज्य में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं एसओजी का दावा है कि नकल और पेपर लीक के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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