Samachar Nama
×

जोलाई में पैंथर की दहशत, वन विभाग ने लगाया पिंजरा; ग्रामीणों में राहत की उम्मीद

जोलाई में पैंथर की दहशत, वन विभाग ने लगाया पिंजरा; ग्रामीणों में राहत की उम्मीद

राजस्थान के राजसमंद जिला अंतर्गत पंचायत क्षेत्र के जोलाई कस्बे में पिछले कई दिनों से पैंथर की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर दिया था। पालतू पशुओं पर हो रहे हमलों और रिहायशी इलाकों के आसपास उसकी मौजूदगी की खबरों से लोगों में दहशत बढ़ गई थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पैंथर की गतिविधियां लगातार देखी जा रही थीं, जिससे ग्रामीण खासे परेशान थे। कई बार उसे रिहायशी बस्तियों के पास देखा गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।

वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए दो दिन पहले ही क्षेत्र में पिंजरा लगाकर पैंथर को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। वन विभाग की टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

वन अधिकारियों का कहना है कि पैंथर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे रात के समय अकेले बाहर न निकलें और अपने पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।

इस घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पैंथर की मौजूदगी के कारण वे भय के साये में जीने को मजबूर थे, लेकिन वन विभाग की कार्रवाई से अब उन्हें राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ने और मानव गतिविधियों के बढ़ने के कारण वन्यजीव अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।

फिलहाल, वन विभाग की टीम पैंथर को पकड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है और ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पैंथर को कब सुरक्षित रूप से पकड़ा जाता है और क्षेत्र में सामान्य स्थिति कब बहाल होती है।

Share this story

Tags