पांचना बांध विवाद: हाईकोर्ट के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन सक्रिय, 20 साल पुराना मामला फिर सुर्खियों में
राजस्थान के करौली जिले स्थित पांचना बांध को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हाईकोर्ट के हालिया अल्टीमेटम के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है, जिससे करीब 20 साल पुराने इस मामले में नई हलचल देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पांचना बांध से जुड़े भूमि उपयोग, विस्थापन और निर्माण से संबंधित मुद्दे पिछले दो दशकों से विभिन्न स्तरों पर विवाद का कारण बने हुए हैं। कई बार स्थानीय लोगों, प्रशासन और अन्य पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास हुए, लेकिन मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया।
अब हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देशों के बाद प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है। संबंधित विभागों ने मामले की फाइलों की समीक्षा शुरू कर दी है और सभी पक्षों से आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट तलब की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कोर्ट के अल्टीमेटम के बाद अधिकारियों ने स्थिति का पुनः मूल्यांकन शुरू कर दिया है ताकि मामले में आगे की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जा सके। प्रशासनिक स्तर पर इसे बेहद संवेदनशील और प्राथमिकता वाला मामला माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के कारण क्षेत्र में विकास कार्यों और भूमि संबंधी मामलों पर भी असर पड़ा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि न्यायिक हस्तक्षेप के बाद इस मामले का कोई ठोस समाधान निकल सकता है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाएगा और सभी आवश्यक कदम तय समयसीमा में उठाए जाएंगे।
फिलहाल पांचना बांध से जुड़ा यह पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है और आने वाले दिनों में इस पर प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

