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राजस्थान में पाकिस्तान जासूसी मामला: मुश्ताक अली 5 दिन की पुलिस रिमांड पर, वीडियो में जाने चाय की दुकान से जुड़े खुलासों ने बढ़ाई जांच की गहराई

राजस्थान में पाकिस्तान जासूसी मामला: मुश्ताक अली 5 दिन की पुलिस रिमांड पर, वीडियो में जाने चाय की दुकान से जुड़े खुलासों ने बढ़ाई जांच की गहराई

राजस्थान में जासूसी से जुड़े एक गंभीर मामले में सीआईडी इंटेलिजेंस ने गिरफ्तार आरोपी मुश्ताक अली को जयपुर कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह मामला अब राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण जांच का विषय बन गया है।

आरोपी मुश्ताक अली को Jaipur Metropolitan Magistrate Court No. 10 की अवकाशकालीन अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट दिशा परिहार ने सीआईडी इंटेलिजेंस की 7 दिन की रिमांड की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 5 दिन की रिमांड मंजूर की। अब आरोपी को आगामी 22 जून को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।

मामले की जांच कर रही CID Intelligence Rajasthan के अनुसार, आरोपी पिछले लगभग दो वर्षों से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था। आरोप है कि इन हैंडलर्स ने उसे राजस्थान में एक साधारण चाय की दुकान खोलने के लिए प्रेरित किया था, जो बाद में कथित तौर पर जासूसी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की योजना का हिस्सा थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स की योजना थी कि चाय की दुकान पर कैमरे लगाकर लाइव फीड के माध्यम से संवेदनशील सूचनाएं एकत्र की जाएं। हालांकि, इस योजना के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी मिल गई।

आरोपी को 11 जून को जैसलमेर जिले के नाचना थाना क्षेत्र के खारिया गांव से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे एक बड़े नेटवर्क की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।

फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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