सांवलिया के प्रसिद्ध मंदिर में श्रद्धालुओं ने केवल 30 दिनों में ही 36 करोड़ रुपए का चढ़ावा अर्पित कर दिया है। मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार यह राशि भक्तों की आस्था और उदारता का प्रतीक है और मंदिर के खजाने में एक रिकॉर्ड की तरह दर्ज होगी।
मंदिर में मंगलवार को भक्तों और आम जनता की बड़ी संख्या ने अपने योगदान के साथ मंदिर को समर्पित किया। चढ़ावा मुख्य रूप से नगद, चांदी, सोना और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के रूप में आया। मंदिर समिति ने बताया कि इतनी बड़ी राशि को गिनने और रिकॉर्ड करने का काम आज पूरा किया जाएगा।
समिति के सदस्यों ने बताया कि आज अंतिम गणना होगी, जिसमें पूरे 30 दिनों के चढ़ावे का विस्तृत लेखा-जोखा तैयार किया जाएगा। गणना के दौरान मंदिर के अधिकारी और मुख्य पुरोहित मौजूद रहेंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
भक्तों का कहना है कि सांवलिया मंदिर में अर्पित चढ़ावा उनकी श्रद्धा का प्रतीक है और इसे किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने यह भी कहा कि इस राशि से मंदिर के रख-रखाव, धार्मिक कार्यक्रम और सामाजिक कल्याण के कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने कम समय में इतने बड़े चढ़ावे का रिकॉर्ड न केवल मंदिर की लोकप्रियता और आस्था को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि लोग धार्मिक स्थलों में अपने विश्वास और योगदान को प्राथमिकता देते हैं।
कुल मिलाकर, सांवलिया मंदिर में 36 करोड़ रुपए का चढ़ावा अब मंदिर के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है, और आज होने वाली अंतिम गणना इसे और सटीक रूप से दर्शाएगी।

